छत्तीसगढ़ सरकार के चार साल पूरे होने पर उपहार
वृक्ष सम्पदा योजना लागू और स्कूलों के दिन बदलेंगे
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के 4 साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की है।जिसमें घर बैठे पैन कार्ड बनवाने की भी सुविधा देेने के साथ ही राज्य में मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना लागू करने और शाला भवनों, आश्रमों एवं छात्रावासों का कायाकल्प करने की भी घोषणा की है।
घोषणा के अंतर्गत मुख्यमंत्री मितान योजना के तहत अब घर बैठे पैन कार्ड भी बनेगा। जिसमें बस एक फोन करने पर मितान घर पहुँचेंगे। नागरिक टोल फ्री नंबर 14545 पर फोन करके यह सुविधा ले सकते हैं। Under the Chief Minister’s Mitan scheme now PAN card will also be made sitting at home
इसके लिए नागरिकों को पैन कार्ड बनवाने बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। वर्तमान में राज्य के 14 नगर निगम में मुख्यमंत्री मितान योजना का लाभ मिल रहा है।जिसमें जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज घर बैठे बनाए जा रहे हैं। On completion of four years of Chhattisgarh government gifts, tree wealth scheme will be implemented and school days will change
निजी भूमि पर वृक्षारोपण को मिलेगा प्रोत्साहन
इसी तरह राज्य में मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना लागू करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की है। जिसमें वृक्षों के व्यवसायिक के उपयोग को बढ़ावा देने की पहल की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने योजना का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए है।
इस योजना का उद्देश्य निजी भूमि पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देकर काष्ठ आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना तथा आय व रोजगार के अवसर को बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में निजी भूमि पर वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के संबंध में मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना का प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिपरिषद की आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
शाला भवनों, आश्रमों एवं छात्रावासों का होगा कायाकल्प
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में शाला भवनों, आश्रमों एवं छात्रावासों की मरम्मत एवं रख-रखाव के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने की निर्देश दिए हैं। उन्होंने शासकीय भवनों जैसे कलेक्टोरेट, अनुविभागीय एवं तहसील कार्यालय, पुलिस थाना, चौकी जहां शासकीय काम के चलते बड़ी संख्या में लोगों का आना होता है, उनके मरम्मत व रख-रखाव को भी कार्ययोजना में शामिल करने को कहा है।
मुख्यमंत्री बघेल ने मुख्य सचिव को शैक्षणिक संस्थाओं सहित अन्य शासकीय भवनों के मरम्मत एवं रख-रखाव की योजना तैयार कर आगामी कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के पश्चात शाला भवनों, आश्रमों एवं छात्रावासों की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण अनेक शाला भवनों में अध्ययन-अध्यापन के कार्य में परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा है कि आगामी शैक्षणिक सत्र आरंभ होने से पूर्व शालाओं, आश्रमों एवं छात्रावास भवनों का उन्नयन, मरम्मत एवं रख-रखाव कार्य कराया जाना आवश्यक है। इसी तरह अन्य शासकीय भवनों जहां काम के सिलसिले में आम जनता का आना-जाना बना रहता है, उन भवनों के भी मरम्मत, रख-रखाव व व्यवस्थापन की जरूरत है।









