बिलासपुर। नगर निगम बिलासपुर की सामान्य सभा में आज भारी हंगामे के बीच 1301 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक बजट पास किया गया। सभा में महापौर निधि को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस पार्षदों ने पूछा कि कहां-कहां विकास कार्यों के लिए पैसा जारी हुआ है। इस पर महापौर पूजा विधानी भड़क उठी। उन्होंने कहा कि पार्षदों को निधि के बारे में पूछने का अधिकार नहीं है। इसके बाद सदन में विवाद बढ़ गया।
बिलासपुर नगर निगम की सामान्य सभा में इस बार 1301 करोड़ रुपए से अधिक का बजट पास किया गया। मेयर पूजा विधानी ने बताया कि यह बजट केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्मार्ट सिटी सुविधाएं, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। साथ ही सभा में 33% महिला आरक्षण से संबंधित प्रस्ताव पारित कर राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही पार्षदों को सांसद और विधायक की तर्ज पर आजीवन पेंशन देने, मानदेय बढ़ाने और पार्षद निधि की राशि में वृद्धि करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
क्रिकेट स्टेडियम के लिए 12 एकड़ जमीन देने पर सहमति
क्रिकेट स्टेडियम के लिए 12 एकड़ जमीन देने पर भी सहमति बनी है, जो ग्राम मंगला में बनेगा। बता दें कि क्रिकेट संघ बिलासपुर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के जरिए शहर में क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए निगम से ग्राम मंगला स्थित 12 एकड़ जमीन देने का आवेदन किया था।
शहर के समग्र विकार पर जोर, 2465 नए आवास का भी प्रावधान
बजट में शहर के समग्र विकास पर जोर देते हुए सड़क, पानी, आवास और सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही पिंक टॉयलेट, पिंक गार्डन और फ्री वाई-फाई जैसी सुविधाओं की भी घोषणा की गई है, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। बाजारों को व्यवस्थित करने के लिए स्मार्ट वेंडिंग जोन और मॉडर्न मार्केट विकसित किए जाएंगे। वहीं 2465 नए आवासों के निर्माण का भी प्रावधान रखा गया है। शहर की प्रमुख सड़कों का निर्माण और चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण भी इस बजट का अहम हिस्सा है।
सभापति और नेता प्रतिपक्ष ने क्या कहा ?
अवैध निर्माण पर भड़के सभापति विनोद सोनी ने सदन में अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि मेरे वार्ड गोलबाजार में अवैध निर्माण चल रहा है। उन्होंने तत्काल तोड़ने के निर्देश दिए। इधर विपक्ष ने बजट को पुराना बजट को ही फिर से सजाकर नया बनाने की बात कही है। नेता प्रतिपक्ष भारत कश्यप ने कहा कि पिछली बार के बजट का काम ही नहीं हुआ है। सत्ता पक्ष की मंशा शहर विकास की नहीं, लूट का सूट की है।
2 करोड़ 30 लाख रुपए के खर्च पर कांग्रेस पार्षदों ने उठाए सवाल
वहीं नगर निगम सामान्य सभा में महापौर निधि को लेकर जमकर हंगामा हुआ। 2 करोड़ 30 लाख रुपए के खर्च पर सवाल उठाया गया। कांग्रेस पार्षदों ने पूछा, कहां-कहां विकास कार्यों के लिए पैसा जारी हुआ है। सदन में जवाबदेही की मांग की गई। सवाल उठते ही मेयर पूजा विधानी ने कहा, पार्षदों को सवाल पूछने का अधिकार नहीं है, जिसके बाद सदन में विवाद बढ़ गया। कांग्रेस पार्षदों ने जोरदार विरोध किया। निधि के खर्च को लेकर तीखी बहस हुई। नगर निगम का यह बजट शहर को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि विपक्ष का मानना है कि पिछली बार की बजट की तरह ही केवल लोक लुभावन बजट बनाया गया है।







