शास्त्रीय गायन-वादन का मनमोहक प्रदर्शन,बस्तर की गायत्री
ठाकुर ने महिषासुर मर्दिनी की स्तुति गाकर किया मंत्रमुग्ध
रायपुर। राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में आज छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों से आए युवाओं ने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन-वादन का मनमोहक प्रदर्शन किया। बिलासपुर संभाग के सक्ती से आए प्रतिभागी कमलेश चौहान ने तीन तबलो का एक साथ प्रयोग कर कला का अनूठा जौहर प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक दीर्घा संगीत प्रेमियों तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी।

गौरतलब है कि रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य युवा महोत्सव के पहले दिन ऑडिटोरियम के संकल्प और सिद्धी हॉल में आयोजित हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत प्रतियोगिता में युवाओं की आकर्षक प्रस्तुति ने समां बांध दिया। बलौदाबाजार जिले से आए 40 उम्र आयु वर्ग के प्रतिभागी अश्वनी वर्मा ने पायलिया झनकार मोरी…. जैसे पंक्तियां गाकर संगीत जनों को संगीतमय रसों से सराबोर कर दिया।
वहीं बस्तर की गायत्री ठाकुर ने मां शारदा भवानी और महिषासुर मर्दिनी की स्तुति गाकर सभा को मंत्रमुग्ध कर दिया। दुर्ग के राम बक्साल ने तबला वादन की शानदार प्रस्तुति दी।
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उन्होंने एक ताल बजाकर लोगों का दिल जीत लिया। इसी प्रकार प्रदेश के सभी संगागों के 15 से 40 आयु वर्ग और 40 से अधिक आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन वादन की मनमोहक प्रस्तुतियां दी।
शास्त्रीय गायन प्रतियोगिता के लिए डॉ. लखेश्वर वर्मा, डॉ. दिवाकर कश्यप और डॉ. रोहन नायडू ने निर्णायक की भूमिका अदा की। इसी प्रकार तबला वादन प्रतियोगिता के लिए विद्यानाथ सिंह, अरुण कुमार सोनी और कुमार पंडित ने निर्णायक की भूमिका अदा की।











