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चार देशों में भूकंप से हाहाकार, चारों तरफ बिछीं सैकड़ों लाशें, हजारों इमारतें जमींदोज

10 घंटे में तीसरी बार तेज भूकंप से थर्राया तुर्की, सीरिया भी जद में

अंकारा/दमिश्क। तुर्की में सोमवार 6 फरवरी को सुबह 7.8 तीव्रता का भूकंप आने से हाहाकार मच गया। भूकंप इतना खतरनाक था कि इसका असर सीरिया, लेबनान और इजराइल में भी महसूस किया गया। तुर्की में सबसे प्रभावित शहरो में राजधानी अंकारा और नूरदगी समेत 10 शहर रहे।

अधिकारियों के मुताबिक तुर्की में अब तक 1498 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और हजारों लोगों के घायल होने की खबर है। वहीं, सीरिया में 810 लोग मारे गए हैं। इस तरह दोनों जगह कुल मिलाकर करीब 2300 लोगों के मारे जाने की खबर है।
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप का केंद्र गाजियांटेप से लगभग 33 किलोमीटर (20 मील) और नूरदगी शहर से लगभग 26 किलोमीटर (16 मील) दूर था। यह 18 किलोमीटर (11 मील) की गहराई पर केंद्रित था। डेनिश भूवैज्ञानिक संस्थान का कहना है कि तुर्की में भूकंप के झटके ग्रीनलैंड तक महसूस किए गए हैं। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें आई हैं।

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने ट्विटर पर कहा कि भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव दलों को तुरंत भेजा गया। हमें उम्मीद है कि हम इस आपदा को एक साथ जल्द से जल्द और कम से कम नुकसान के साथ पार कर लेंगे। तुर्की में दोबारा भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इस बार रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7.5 मापी गई। भूकंप के झटके भारतीय समयानुसार तीन बजकर 54 मिनट पर महसूस किए गए। इसका केंद्र अंकारा से 427 किलोमीटर दूर जमीन से 10 किमी. अंदर था।
इससे पहले सुबह छह बजकर 58 मिनट पर आए भूकंप के झटकों से तुर्की, सीरिया में 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों इमारतें जमीदोज हो गईं और हजारों लो घायल हुए हैं। ऐसे में कुछ ही घंटों बाद आए इस दूसरे तेज झटके ने सरकार और प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, यह निर्णय लिया गया कि राहत सामग्री के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और चिकित्सा दलों को तुर्की गणराज्य की सरकार के समन्वय से तुरंत तुर्की भेजा जाएगा। राहत व बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की दो टीमें, विशेष रूप से प्रशिक्षित श्वान दस्ते और आवश्यक उपकरण भूकंप प्रभावित क्षेत्र में उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। दोनों टीमों में 100 कर्मी शामिल हैं।

ब्रिटेन सरकार ने तुर्की और सीरिया में भूकंप के मद्देनजर बचाव प्रयासों में सहायता का एलान किया है। ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि वह तुरंत तुर्की में आपातकालीन प्रतिक्रिया दल तैनात करेगी। राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) ने कहा कि वह मदद के लिए खोज, बचाव और चिकित्सा विशेषज्ञों की एक टीम वहां तैनात कर रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक,मदद के लिए जाने वाले दलों की एक उड़ान के यूके से स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजे प्रस्थान करने और तुर्की के शहर गजियांटेप में स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे आने की उम्मीद है।

तुर्की में सोमवार 6 फरवरी को तीसरी बार भूंकप के झटके महसूस किए गए। इस बार भूकंप की रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 6 मापी गई है। ये झटके पांच बजकर 32 मिनट पर महसूस किए गए इससे पहले भारतीय समयानुसार तीन बजकर 54 मिनट पर भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। जिसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7.5 मापी गई। उसका केंद्र अंकारा से 427 किलोमीटर दूर जमीन से 10 किमी. अंदर था। प्रारंभिक भूकंप के बाद 50 से अधिक आफ्टरशॉक्स आए, जिसमें 7.5-तीव्रता का झटका भी शामिल है।

वहीं, तुर्की की एक समाचार एजेंसी ने देश की आपदा एजेंसी का हवाला देते हुए रिपोर्ट दी कि दक्षिणी तुर्की में कहारनमारास प्रांत के एलबिस्तान जिले में 7.6 तीव्रता का एक और ताजा भूकंप आया है। इसका असर सीरिया के दमिश्क, लताकिया अन्य सीरियाई प्रांतों में भी महसूस किया गया।

इससे पहले सुबह छह बजकर 58 मिनट पर आए भूकंप के झटकों से तुर्की और सीरिया में 2300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों इमारतें जमीदोज हो गईं और हजारों लोग घायल हुए हैं। ऐसे में कुछ ही घंटों बाद आए इस दूसरे और फिर तीसरे तेज झटके ने सरकार और प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुर्की और सीरिया में आए भूकंप में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत इस त्रासदी से निपटने में मदद के लिए हरसंभव सहायता देने को तैयार है। भूकंप के कारण हुए जान-माल के नुकसान से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा कि यह जानकर गहरा दुख हुआ कि विनाशकारी भूकंप ने सीरिया को भी प्रभावित किया है। पीड़ितों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। हम सीरियाई लोगों के दुख को साझा करते हैं और इस कठिन समय में सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने तुर्की और सीरिया में विनाशकारी भूकंपों पर शोक व्यक्त किया।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी भूकंप में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया कि तुर्किये में भूकंप के कारण हुए जानमाल के नुकसान से बहुत व्यथित हूं। इस कठिन समय में अपनी संवेदना और समर्थन से तुर्की के विदेश मंत्री को अवगत कराया। प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने तत्काल राहत उपायों पर चर्चा करने के लिए साउथ ब्लॉक में बैठक की।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, यह निर्णय लिया गया कि राहत सामग्री के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और चिकित्सा दलों को तुर्की गणराज्य की सरकार के समन्वय से तुरंत तुर्की भेजा जाएगा। राहत व बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की दो टीमें, विशेष रूप से प्रशिक्षित श्वान दस्ते और आवश्यक उपकरण भूकंप प्रभावित क्षेत्र में उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। दोनों टीमों में 100 कर्मी शामिल हैं। Earthquake outcry in four countries, hundreds of dead bodies lying all around, thousands of buildings destroyed, for the third time in 10 hours a strong earthquake shook Turkey, Syria also in radius