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खाड़ी में अब बना तूफान, इससे छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश के आसार

2 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में बारिश

की मात्रा सामान्य से 28 फीसदी कम

रायपुर। इस बार 10 साल में पहली बार ऐसा हुआ जब बंगाल की खाड़ी में तूफान उठे बिना ही मानसून 16 जून को ही छत्तीसगढ़ में दाखिल हो गया। जून में खाड़ी में हमेशा से ही दो-तीन चक्रवात बन जाते हैं, लेकिन इस बार महीने में एक भी नहीं बना। उसी का नतीजा है कि प्रदेश में जून ही नहीं, बल्कि 2 जुलाई तक बारिश की मात्रा सामान्य से 28 फीसदी कम है।

लेकिन मौसम विशेषज्ञों ने खाड़ी में शनिवार को हलचल देखी है। माना जा रहा है कि रविवार तक समुद्र में ऊपरी हवा का चक्रवात और 7 जुलाई तक अवदाब बन सकता है। इससे जुलाई के पहले पखवाड़े में ही छत्तीसगढ़ में व्यापक वर्षा की संभावना जता दी गई है। अभी खाड़ी में कोई सिस्टम नहीं होने के कारण प्रदेश के कुछ क्षेत्र विशेष खासकर बस्तर, सरगुजा व बिलासपुर संभाग में ज्यादा बारिश हो रही है। रायपुर व दुर्ग संभाग में काफी कम पानी बरसा है।

लेकिन लालपुर मौसम केंद्र के विशेषज्ञों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में जो नया सिस्टम अब दिखने लगा है, उसका असर छत्तीसगढ़ में रविवार या सोमवार से नजर आने लगेगा। इससे पूरे प्रदेश में व्यापक वर्षा और कुछ जगह भारी वर्षा के भी आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार इस चक्रवात के बाद 7-8 जुलाई तक खाड़ी में बनने वाले डिप्रेशन (अवदाब) से भी राजधानी समेत दूसरे इलाकों में अच्छी बारिश होगी। उस सिस्टम से दो-तीन दिन की झड़ी भी लग सकती है।

बस्तर-सरगुजा में तेज बारिश, रायपुर में केवल हल्की बौछारें

पिछले 24 घंटे में सरगुजा व बस्तर संभाग के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हुई है। राजधानी में शाम को केवल बौछारें पड़ीं। मौसम विज्ञान केंद्र लालपुर के मौसम विज्ञानियों के अनुसार एक ऊपरी हवा का चक्रवात बांग्लादेश व उसके आसपास 7.6 किमी की ऊंचाई पर बना है। इसके प्रभाव से आगामी 48 घंटे में उत्तर ओडिशा व उसके आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। 3 जुलाई को ज्यादातर स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने व छीटें पड़ने की संभावना है।

कुसमी-बीजापुर में भारी वर्षा

सरगुजा के कुसमी व बस्तर के बीजापुर में शनिवार को भारी वर्षा हुई और 8 सेमी पानी बरस गया। बसना में 6, सक्ती, भैरमगढ़, वाड्रफनगर, भोपालपट्‌टनम, जगदलपुर में 5-5 सेमी बारिश हुई। रामानुजनगर और पिथौरा में 4, रायगढ़, कोरबा, सारंगढ़, बिलाईगढ़, सुकमा में 3 सेमी, कसडोल, पंडरिया, शिवरीनारायण, कटघोरा और सरायपाली में 2-2 सेमी वर्षा रिकार्ड की गई है।

जून में तूफान नहीं, ऐसा कोई साल नहीं

वर्ष तारीख बारिश तूफान
2022 16 जून 154.8 00
2021 11 जून 1107.7 03
2020 12 जून 1101.0 03
2019 22 जून 1095.0 01
2018 26 जून 1005.0 01
2017 21 जून 842.9 01
2016 17 जून 1112.1 02
2015 14 जून 959.6 02
(मौसम विभाग के अनुसार, बारिश मिमी में)

ऐसा कभी-कभार ही हुआ

जून में बंगाल की खाड़ी में एक भी सिस्टम नहीं बना, ऐसा पहले कभी-कभार ही हुआ है, खासकर तब जबकि मानसून 20 जून के बाद आया हो। फिलहाल बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवात व कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसके असर से जुलाई में अच्छी बारिश के आसार है।-एमएल साहू, उप महानिदेशक-मौसम

बंगाल की खाड़ी में मानसूनी सीजन में जो तूफान उठता है, उसका ट्रैक ओडिशा, उत्तरप्रदेश, पंजाब होते हुए राजस्थान तक का होता है। तूफान के ट्रैक के नीचे आने वाले राज्यों में अच्छी और व्यापक बारिश होती है।

जब तूफान गुजरता है, तब काफी मात्रा में नमी एकत्रित होती है। यही नमी पहले से आए बादलों को मिलती है, तो वह बरस पड़ते हैं। खाड़ी के तूफान ही छत्तीसगढ़ समेत ओडिशा, झारखंड और मध्यप्रदेश तक नमी को धकेलते हैं, एक तरह से ये मानसून के इंजन का काम करते हैं। इसलिए बंगाल की खाड़ी में हलचल बारिश के मामले में इन राज्यों में फायदेमंद ही रहती है। -जैसा रायपुर के मौसम विज्ञानी बीके चिंधालोरे ने बताया।