Advertisement Carousel

Gaganyaan Mission: ये है वो 4 एस्ट्रोनॉट्स..जो अंतरिक्ष के लिए हुए रवाना, वर्कआउट और तैयारी देख खड़े हो जाएंये रोंगटे

नई दिल्ली: Gaganyaan Mission कल पूरे देश में 78वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। राष्ट्रीय एकता से प्रेरित होकर दिल राष्ट्रीय रंगों से गूंजे। इस बीच इसरो ने भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर भारतीय को गर्व कराने वाला वीडियो शेयर कर के गगनयान के एस्ट्रोनॉट्स की ट्रेनिंग और आने वाले नेशनल स्पेस डे के बारे में बताया।

Gaganyaan Mission वीडियो में दिख रहा है कि एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस जैसी एक सिमुलेटेड कंडीशन में ट्रेनिंग दी जा रही है। ISRO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर यह वीडियो शेयर किया है। वीडियो में एस्ट्रोनॉट्स स्पेस मॉड्यूल के भीतर योग कर रहे हैं। उन्हें अंतरिक्ष यान, जीरो ग्रेविटी और स्पेस में आने वाली अन्य चुनौतियों के हिसाब से ट्रेनिंग की है।

दरअसल, इसरो गगनयान मिशन के साथ-साथ 23 अगस्‍त 2024 को पहली बार मनाए जा रहे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की भी तैयारी कर रहा है। 23 अगस्‍त वो तारीख है, जिस दिन साल 2023 में भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चांद पर इतिहास रचा। चंद्रयान-3 के लैंडिंग की सफल लैडिंग करवाई थी।

क्‍या है गगनयान मिशन?

गगनयान भारत का पहला मानव अंतिरक्ष मिशन है, जिसमें इसरो चार यात्रियों को गगनयान में बैठाकर पहली बार अंतरिक्ष में भेजेगा। ऐसा करके भारत भी अब अमेरिका, रूस और चीन की बराबरी कर लेगा। इसरो के गगनयान में सवार होकर अंतरिक्ष यात्री 400 किलोमीटर की पृथ्वी की निचली कक्षा पर जाएंगे। वे तीन दिन तक अंतरिक्ष की सैर करेंगे। इसरो के मुताबिक साल 2024 के अंत एक टेस्ट फ़्लाइट रोबोट को अंतरिक्ष में ले जाएगी। इसके बाद साल 2025 में गगनयान में बैठाकर अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाया जाएगा।