रायपुर । आयुष्मान भारत योजना (शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना) में रोबोटिक सर्जरी के पैकेज को अब तक शामिल नहीं किया जा सका है। जबकि इसके तहत मरीजों की कैंसर सर्जरी, गेस्ट्रो सर्जरी, जनरल या पेट की सर्जरी, यूरो सर्जरी तथा हिप एंड नी रिप्लेसमेंट किए जा रहे हैं। रोबोटिक सर्जरी को शामिल न करना मरीजों को महंगा पड़ रहा है। दरअसल, इसमें इलाज का पूरा खर्च मरीजों को अपनी जेब से देना पड़ रहा है। जबकि राजधानी में पिछले तीन साल से मरीजों की रोबोटिक सर्जरी हो रही है।
पिन प्वॉइंट या 360 डिग्री में मरीजों की सर्जरी करनी हो तो रोबोटिक सर्जरी से बेहतर कोई नहीं है। सामान्य ऑपरेशन से इसमें कुछ ज्यादा खर्च आता है, लेकिन इसमें मरीजों को अस्पताल से जल्द डिस्चार्ज कर दिया जाता है। यह एडवांस तकनीक कही जा सकती है। राजधानी के 5 बड़े निजी अस्पतालों में मरीजों की रोबोटिक असिस्ट सर्जरी की जा रही है। जल्द ही एम्स व आंबेडकर अस्पताल में भी ये सर्जरी शुरू होने वाली है। ऐसे में आयुष्मान भारत योजना में इस सर्जरी के पैकेज को शामिल कर लिया जाए तो मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। चूंकि ये एडवांस सर्जरी निजी अस्पतालों में हो रही है इसलिए पैकेज में शामिल करना जरूरी है। इससे गरीब व जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक राहत मिलेगी।
निजी इंश्योरेंस कंपनियां भी नहीं दे रही सुविधा
कई निजी इंश्योरेंस कंपनियां भी रोबोटिक सर्जरी के लिए पूरा कवर नहीं दे रही हैं। जबकि वे प्रीमियम के रूप में तगड़ी रकम वसूल रही हैं। इससे मरीजों को दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ आयुष्मान भारत योजना में रोबोटिक सर्जरी शामिल नहीं है। दूसरी तरफ, निजी इंश्योरेंस कंपनियां भी पूरा कवर नहीं दे रही हैं। कुछ विशेष कंपनियां ही इसे कवर कर रही हैं।
हैल्थ सेक्टर के एक्सपर्ट का कहना है कि रोबोटिक सर्जरी समय की मांग है इसलिए इसे कवर करना अनिवार्य किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी इरडा इसमें पहल कर निजी इंश्योरेंस कंपनियों को आदेश दे सकता है।
रोबोटिक सर्जरी के फायदे
पिन प्वॉइंट व 360 डिग्री में ऑपरेशन
थ्रीडी हाई-डेफिनिशन कैमरे से सटीक सर्जरी
ऑपरेशन के दौरान ब्लीडिंग कम
कम दर्द व छोटे चीरे की जरूरत
मरीज की रिकवरी तेजी से
इंफेक्शन की संभावना भी कम
अस्पताल से जल्दी छुट्टी
सामान्य सर्जरी की तुलना में कुछ महंगा











