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राहुल गांधी ने कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा को बताया सफल, केरल से अब कर्नाटक की ओर

कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी

ने कहा-आपको जल्द पता चल जाएगा कि क्या होने वाला है

तिरुअनंतपुरम। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा अपने 15वें दिन में पहुंच चुकी है। राहुल गांधी के नेतृत्व में केरल से ये यात्रा शुरू हुई। अब राहुल गांधी ने 22 सितंबर गुरुवार को इस यात्रा के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी है।

राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कहा कि, हमारी ये यात्रा केरल में सफल रही है। यात्रा की सफलता के पीछे कुछ आइडिया छिपे हैं। पहला आइडिया है कि भारत नफरत को पसंद नहीं करता है। देश में महंगाई चरम पर है, लेकिन बीजेपी और आरएसएस लगातार नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में यात्रा को लेकर दिया जवाब

राहुल ने कहा कि, केरल की तरह भारत जोड़ो यात्रा बाकी राज्यों में भी सफल रहेगी। हम बिहार नहीं जा रहे हैं, हम गुजरात नहीं जा रहे हैं, हम बंगाल नहीं जा रहे हैं। यात्रा एक छोर से दूसरे छोर तक की है।

हम पूरे भारत की यात्रा एकसाथ नहीं कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में यात्रा को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि, इसे लेकर चिंता मत कीजिए हमें ये पता है कि वहां क्या करने की जरूरत है।

अध्यक्ष पद को लेकर दिया जवाब

कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि, आपको जल्द पता चल जाएगा कि क्या होने वाला है। मैंने पहले ही अपना रुख साफ कर दिया है. कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मेरा सीधा संपर्क है. मीडिया के जरिए मुझे कुछ बताने की जरूरत नहीं है।

जब राहुल से पूछा गया कि वो कांग्रेस अध्यक्ष के उम्मीदवारों को क्या सुझाव देंगे? इस पर उन्होंने कहा, उनके लिए मैं कहना चाहूंगा कि आप एक ऐतिहासिक जगह लेने वाले हैं। यह केवल एक संगठन की जगह नहीं है।

यह एक विचारधारा है। जो कांग्रेस अध्यक्ष बनें उनके पास भारत की एक विचारधार हो। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उदयपुर चिंतन शिविर के संकल्प के मुताबिक “एक व्यक्ति एक पद” का पालन किया जाएगा।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि, हम आरएसएस-बीजेपी के बनाए गए नफरत के माहौल, कुछ लोगों के हाथों में सारी संपत्ति का कब्जा और बेरोजगारी के खिलाफ भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं। इन सबसे देश का युवा काफी परेशान है।

राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव को लेकर कहा कि, 2024 से ज्यादा जरूरी सवाल है कि जिस तरह लोगों को बांटा जा रहा है उसे रोका जाए। मैं कहीं आइसक्रीम भी खा लूं तो आप 2024 से जोड़ देंगे। जरूरी है कि विपक्ष संवाद करे और एक साथ आए। राहुल ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं लेकिन बीजेपी, आरएसएस लेफ्ट के चुनाव के बारे में नहीं पूछते।

योजना तो थी कि दिक्कत ना हो मगर…

केरल से दीपक असीम

भारत जोड़ो पदयात्रा के कारण रोड जाम होने का मामला अदालत में जाने के बाद एक बार फिर अंदर यह चर्चा हो रही है कि कैसे यात्रा को इस तरह निकाला जाए कि एक तरफ से सड़क चालू भी रहे। वैसे शुरू दिन यानी छह सितंबर को दिग्विजय सिंह ने कन्याकुमारी में जब पदयात्रियों की मीटिंग ली थी, तब कहा था कि हम सड़क के एक तरफ से चलेंगे ताकि आने जाने वालों को तकलीफ ना हो। नर्मदा यात्रा में दिग्विजय सिंह के सामने कहीं यातायात समस्या नहीं बना था, मगर यहां वे जानते थे कि यह चीज़ समस्या बन सकती है।

केरल के रास्ते…पता ही नहीं चलता

केरल में एक शहर से दूसरे शहर जाते हुए कोई जंगल नहीं आता। एक शहर कब खत्म होकर दूसरा शहर लग जाता है पता ही नहीं चलता। वही दुकाने वही मकान…। कोई सड़क चौड़ी होती है और अचानक वो आगे से पतली हो जाती है। यही केरल के हाइवे हैं। अंदर गांवों के रास्ते फिर चौड़े हैं और जंगल भी दिखता है। मगर हाइवे पर तो ना जंगल हैं और ना सड़कें चौड़ी हैं।
इसका हल केरल में इस तरह निकाला जा रहा है कि सुबह जब यात्रा शुरू होती है तो जिस मार्ग से यात्रा जा रही है, उस मार्ग से ट्रेफिक डायवर्ट कर दिया जाता है। बसें या तो बंद हो जाती हैं या फिर अंदर के रास्तों से जाती हैं। सुबह साढ़े छह से दस साढ़े दस ग्यारह तक यही होता है। यात्रा के आरंभ बिंदु से लेकर पहले पड़ाव तक केवल दो पहिया वाहनों और ऑटो रिक्शा वालों को जाने दिया जाता है। शाम को भी कुछ देर के लिए यही किया जाता है। बेशक इससे लोगों को तकलीफ तो हो रही है। मगर इसका कोई हल नहीं है।

जैसे जैसे यात्रा आगे बढ़ रही है, वैसे वैसे लोग बढ़ रहे

यात्रा के आरंभ में सोचा था कि तीन-चार सौ लोग लाइन से चलेंगे। सौ भारत यात्री, सौ प्रदेश यात्री, सौ जिला यात्री और बाकी अतिथि यात्री। मगर कन्याकुमारी से ही इतनी भीड़ यात्रा में उमड़ी कि इस तरह का कोई इंतजाम संभव नहीं। अगर इतने लोगों को तीन तीन की कतार में चलाते हैं, तब उन लोगों का क्या किया जाएगा, जो रास्ते के दोनों तरफ राहुल गांधी को देखने, छूने, मिलने, गले लगाने के लिए खड़े रहते हैं।

फिर अगर ऐसा होता है तो पहला सिरा और दूसरे सिरे के बीच तीन चार किलोमीटर का अंतर हो सकता है। कोच्ची में तो करीब एक लाख लोग होने की बात कही जा रही है। जैसे जैसे यात्रा आगे बढ़ रही है, वैसे वैसे लोग बढ़ रहे हैं। अब तो जहां से यात्रा गुजरेगी यही होना है। तीन चार घंटे सुबह और दो तीन घंटे शाम को रूट डायवर्ट या जाम।