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हिंसक झड़प के बाद छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा सील, ट्रकों की लगी लंबी लाइनें, कोयला परिवहन भी ठप…

रायगढ़। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर टपरिया बॉर्डर में दो दिन पहले रायगढ़ और ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. मारपीट की घटना के बाद तमनार थाना में दोनों पक्षों की शिकायत पर 100 से अधिक लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. वहीं एहतियातन रायगढ़ जिला प्रशासन और ओडिशा के सुंदरगढ़ जिला प्रशासन ने टपरिया बॉर्डर को सील कर दिया है, जिससे माल वाहक वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं.

बता दें कि रविवार शाम टपरिया बॉर्डर पर रायगढ़ ट्रेलर मालिक संघ के सदस्यों के साथ ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों द्वारा मारपीट की गई थी. इसके बाद पुलिस ने मामले में नामजद और अन्य आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

रायगढ़ ट्रेलर यूनियन के अध्यक्ष आशीष यादव ने बताया कि प्रशासन ने फिलहाल टपरिया बॉर्डर बंद कर दिया है. स्थिति नियंत्रित होने पर सीमित समय के लिए बॉर्डर खोला जाएगा, ताकि दोनों राज्यों में फंसी गाड़ियां वापस लौट सकें. इसके बाद मामले के पूरी तरह सुलझने तक बॉर्डर फिर से सील रखा जाएगा.

उल्लेखनीय है कि इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन गुजरते थे, लेकिन बॉर्डर बंद होने से कोयला परिवहन भी पूरी तरह ठप है. कई कंपनियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है.

गाली-गलौच, मारपीट और लूट

रायगढ़ एडिशनल SP अनिल सोनी ने इस मामले में बताया कि थाना तमनार में प्रार्थी आशीष यादव द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई है कि कल वे लोग छत्तीसगढ़ और ओडिशा बॉर्डर के पास स्थित हमीरपुर के कार्यालय में बैठे हुए थे. तभी लगभग 100 से 140 की संख्या में लोग आए, जो कुछ घातक हथियार भी रखे हुए थे. उन्होंने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और मारपीट की. साथ ही प्रार्थी के पास रखे 15,000 रुपये नकद भी लूट लिए.”

100 से अधिक लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज

उन्होंने बताया कि प्रार्थी ट्रांसपोर्टर मालिक संघ का पदाधिकारी है. प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना तमनार में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं: 296, 351(3), 115(2), 118(1), 191(2), 191(3), 190, 310(2) BNS और आर्म्स एक्ट, धारा 25, 27 के तहत भी अपराध दर्ज किया गया है. फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और वैधानिक कार्यवाही जारी है. इस मामले में 6 लोगों के खिलाफ नामजद और अन्य 100 से 140 अज्ञात लोगों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है.