मुंगेली l मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान ‘मिशन 90 प्लस’ के अंतर्गत जिले में प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कलेक्टर कुन्दन कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित कक्षा 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के ‘डी’ एवं ‘ई’ ग्रेडिंग वाले विद्यार्थियों को परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए मार्गदर्शन दिया.
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाना, परीक्षा भय को दूर करना और उत्कृष्ट परिणाम के लिए प्रेरित करना था. कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने खुलकर अपनी शंकाएँ साझा कीं. विद्यार्थियों ने टाइम टेबल बनाने, लंबे समय तक ध्यान केंद्रित रखने, नकारात्मकता से दूर रहने तथा प्रतिशत और ज्ञान के महत्व जैसे विषयों पर भी प्रश्न किए, जिस पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया.
विद्यार्थियों ने परीक्षा से पहले होने वाले तनाव, पढ़ाई के बाद भूलने की समस्या तथा सफल जीवन के लिए आवश्यक टिप्स, बोर्ड परीक्षा में उत्तर लिखते समय होने वाली घबराहट, परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन, परीक्षा के दौरान तनाव प्रबंधन और कम समय में प्रभावी तैयारी के उपाय जानने की जिज्ञासा व्यक्त की.
इसी तरह कक्षा 11वीं की छात्रा मनीषा मनहरण ने स्वयं के नोट्स बनाने के महत्व को साझा करते हुए आगे की पढ़ाई के लिए हॉस्टल सुविधा की मांग रखी. इन सभी पर कलेक्टर कुन्दन कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने मार्गदर्शन प्रदान कर परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने प्रेरित किया.
सीमित संसाधन में बेहतर परिणाम -कलेक्टर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएँ जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव हैं. उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि सीमित संसाधन में बेहतर परिणाम आते हैं तथा अभाव में ही व्यक्ति की क्षमता में निखरकर सामने आती है, इसलिए समय का सदुपयोग करते हुए पूरी लगन एवं मेहनत से पढ़ाई करें. कलेक्टर ने बताया कि संसाधनों का बेहतर उपयोग, मोबाइल से अनावश्यक दूरी और समय प्रबंधन सफलता की कुंजी हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को अपने डर की सूची बनाकर उन्हें दूर करने के लिए कार्य करने की सलाह दी.
कलेक्टर ने कहा कि परेशानियों को अवसर के रूप में लें और उनका डटकर सामना करें. उन्होंने नियमित रिवीजन, लिखने का अभ्यास और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने पर बल देते हुए परीक्षा में अच्छे अंक लाने के तरीके भी बताए. बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच से बेहतर परिणाम अवश्य प्राप्त होंगे.
वैचारिक, भावनात्मक और भौतिक ऊर्जा के संतुलन पर जोर
पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय जीवन में दोबारा नहीं आएगा. उन्होंने वैचारिक, भावनात्मक और भौतिक ऊर्जा के संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि इनके संतुलन एवं संयोग से ही मनोवांछित सफलता प्राप्त होती है. उन्होने कहा कि अपने सपनों से प्रेम करें और अनावश्यक विचारों को मन से निकाल दें. उन्होंने नियमित दिनचर्या, आत्मचिंतन और सब-कॉन्शियस माइंड को समझने की आवश्यकता पर बल दिया.
उन्होंने बताया कि ज्ञान का कोई विकल्प नहीं है, प्रतिदिन सीखते रहें और तनावमुक्त होकर परीक्षा की तैयारी करें. शिक्षाविद डी.के. सोलंकी ने भी बच्चों को समय प्रबंधन कर एवं तनाव मुक्त होकर परीक्षा में शामिल होने प्रेरित किया. मीडिया प्रभारी रामशरण यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा को डर के रूप में नहीं, अवसर के रूप में देखें. नियमित अभ्यास, शॉर्ट नोट्स तैयार करना और बेहतर प्रस्तुतीकरण से अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं. उन्होंने कहा, “आपको अपना मोटिवेटर स्वयं बनना होगा. जब विषय में रुचि बढ़ेगी तो भूलने की समस्या भी दूर हो जाएगी.
गौरतलब है कि वर्तमान शिक्षण सत्र में बोर्ड की परीक्षा में बेहतर परिणाम लाने एवं बच्चों को तनाव मुक्त रहकर परीक्षा की तैयारी के संबंध में प्रोत्साहित करने के लिए मिशन 90 प्लस के अंतर्गत यह कार्यशाला आयोजित की गई. जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा में 11 हजार 177 तथा हायर सेकेंडरी की परीक्षा में 07 हजार 704 परीक्षार्थी शामिल होंगे.
उन्होंने बताया कि मिशन 90 प्लस अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों की व्यक्तिगत परीक्षा परिणाम बढ़ाने के लिए सभी विषयों के जिला स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं. जिले के प्रतिभाशाली शिक्षकों को विषय विशेषज्ञ बनाया गया है यह विषय विशेषज्ञ ग्रुप में छात्र-छात्राओं के द्वारा पूछे गए समस्याओं का निराकरण करते हैं और जो कमजोर बच्चे हैं उनकी एक्स्ट्रा क्लास लगाकर विषय की समझ विकसित की जाती है.











