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नगर पालिका की बैठक में हंगामा : आरंग बस स्टैंड निर्माण को लेकर घिरे अध्यक्ष, भाजपा पार्षदों ने भी दिया विपक्ष का साथ

आरंग. आरंग नगर पालिका परिषद में शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस को लेकर बुलाई गई सामान्य बैठक में बस स्टैंड निर्माण के मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ. भाजपा, कांग्रेस और शिवसेना के पार्षद एक मंच पर नजर आए और नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन को सवालों के घेरे में ले लिया. सभी पार्षद बस स्टैंड निर्माण कार्य को एजेंडे में शामिल करने की मांग को लेकर अड़े रहे.

बैठक में अकेले पड़े अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन
बैठक में हंगामे के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन को अपनी ही पार्टी के पार्षदों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. भाजपा पार्षदों में अध्यक्ष की कार्यप्रणाली और व्यवहार को लेकर लंबे समय से सुगबुगाहट थी, जो इस बैठक में खुलकर सामने आ गई. अध्यक्ष के रवैये से नाराज भाजपा पार्षदों ने उनका साथ देने के बजाय जनहित के मुद्दे पर विपक्ष का साथ दिया. वहीं अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन लगाकर पार्षदों को शांत कराने की कोशिश करते रहे, लेकिन स्थिति नहीं संभल पाई

6.69 करोड़ रुपए का है प्रोजेक्ट
दरअसल, इस पूरे राजनैतिक घमासान की वजह आरंग बस स्टैंड का कायाकल्प प्रोजेक्ट है. प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद आरंग नगर पालिका में भाजपा काबिज हुई. इसके बाद परिषद की बैठक में भाजपा और शिवसेना के पार्षदों की सहमति से बस स्टैंड को बैहार के शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया, जिसका कांग्रेस ने पुरजोर विरोध किया था. जिस नई जगह (बैहार) पर बस स्टैंड को शिफ्ट करने की तैयारी है, वह सरकारी रिकॉर्ड में ‘शामिलात चारागाह’ (सामुदायिक चरागाह) की भूमि है. नियमों के मुताबिक, इस जमीन पर तब तक निर्माण नहीं हो सकता जब तक कि शासन स्तर पर इसका ‘मद परिवर्तन’ (Land-Use Conversion) न हो जाए. इसी प्रशासनिक और राजनैतिक खींचतान में दो साल से जनता परेशान हो रही है. नागरिकों में आरंग बस स्टैंड को बैहार शिप्ट किए जाने को लेकर आक्रोश देखा गया. जनहित को ध्यान में रखते हुए भाजपा और शिवसेना के पार्षदों ने बस स्टैंड को यथावत रखते हुए उसी स्थान पर निर्माण कार्य शुरू कराने पर सहमति व्यक्त की.

कांग्रेस ने 10 दिन का दिया अल्टीमेटम

बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष पर सीधे तौर पर लापरवाही और ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए. कांग्रेस ने साफ कहा कि बिना काम शुरू हुए लाखों रुपये का भुगतान होना एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है.

नेता प्रतिपक्ष शरद गुप्ता ने नगर पालिका प्रशासन और अध्यक्ष को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अगले 10 दिनों के भीतर बस स्टैंड का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं किया गया, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी. हम आम जनता के हक के लिए सड़कों पर उतरेंगे और नगर पालिका का अनिश्चितकालीन उग्र घेराव करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी.

विकास पर भारी पड़ती राजनीति
आरंग का बस स्टैंड न केवल शहर बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों की लाइफलाइन है. व्यावसायिक परिसर बनने से स्थानीय युवाओं को रोजगार और यात्रियों को सुविधाएं मिलती हैं. लेकिन यह प्रोजेक्ट अब राजनैतिक नफा-नुकसान और प्रशासनिक अकर्मण्यता की भेंट चढ़ चुका है.

पार्टी में अंदरूनी कलह
अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन के खिलाफ उनकी ही पार्टी के पार्षदों का खड़ा होना यह दिखाता है कि अंदरूनी कलह चरम पर है. यदि 10 दिनों के भीतर इस गतिरोध को नहीं सुलझाया गया, तो आरंग नगर पालिका में आने वाले दिन और भी हंगामेदार और अशांत होने वाले हैं.