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जिस ऑफिस में करता था नौकरी…उसी पर रखी थी नजर…रायपुर में लाखों की चोरी का चौंकाने वाला खुलासा

 रायपुर :  सिविल लाइन इलाके में स्थित एक चार्टर्ड अकाउंटेंट कार्यालय में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि चोरी की पूरी साजिश ऑफिस के एक पूर्व कर्मचारी ने रची थी, जिसे वहां रखी नकदी और कार्यालय की व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7.80 लाख रुपये बरामद किए हैं।

सुबह ऑफिस पहुंचते ही सामने आई चोरी की वारदात

पुलिस के अनुसार, कैशियर अपर्णा नायक ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 21 जुलाई की सुबह कार्यालय के चालक ने फोन कर ऑफिस में चोरी होने की सूचना दी। जानकारी मिलने के बाद उन्होंने कार्यालय के संचालक चेतन तारवानी को इसकी जानकारी दी और मौके पर पहुंचीं। वहां देखा गया कि कैश काउंटर का ताला कटर से काटा गया था और उसमें रखी नकदी गायब थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

सीसीटीवी और कर्मचारियों से पूछताछ ने खोला राज

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने विशेष टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों से अलग-अलग पूछताछ की गई। जांच के दौरान संदेह की सुई पहले यहां काम कर चुके उमेश पोर्ते की ओर गई।

पूर्व कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड

पुलिस ने उमेश पोर्ते को बिलासपुर से हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह पहले इसी कार्यालय में काम कर चुका था और उसे कैश रखने की व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने अपने साथी के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।

दूसरा साथी भी गिरफ्तार, लाखों की नकदी बरामद

उमेश की निशानदेही पर पुलिस ने उसके साथी लक्ष्मीनारायण ध्रुव को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी की 7.80 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली गई है। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।