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आज का पंचांग: किस समय करें पूर्वजों की पूजा, जानें बुधवार के शुभ योग और चंद्रोदय का महत्व

पंचांग  : आज 12 अगस्त, 2026 बुधवार, के दिन श्रावण महीने की अमावस्या तिथि है. इसे अंधकार का दिन कहा जाता है. माता काली इस दिन पर शासन करती है. ध्यान करने, लोगों को दान करने और जानवरों को खिलाने के साथ पूर्वजों की पूजा करने का ये एक सबसे अच्छा दिन है. इस दिन विवाह समारोह या कोई नई शुरुआत नहीं करनी चाहिए. बल्कि, नई शुरुआत के लिए चंद्रोदय की प्रतीक्षा करें.

12 अगस्त का पंचांग :

  1. विक्रम संवत : 2082
  2. मास : श्रावण
  3. पक्ष : अमावस्या
  4. दिन : बुधवार
  5. तिथि : अमावस्या
  6. योग : व्यतिपात
  7. नक्षत्र : पुष्य
  8. करण : चतुष्पाद
  9. चंद्र राशि : कर्क
  10. सूर्य राशि : कर्क
  11. सूर्योदय : 05:47:00 AM
  12. सूर्यास्त : 07:04:00 PM
  13. चंद्रोदय : चन्द्रोदय नहीं
  14. चंद्रास्त : 06:50 PM
  15. राहुकाल : 12:26 से 14:05
  16. यमगंड : 07:27 से 09:06

आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा कर्क राशि और पुष्य नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र कर्क राशि में 3:20 से 16:40 तक विस्तार लिया हुआ है. इसके देवता बृहस्पति है और नक्षत्र के स्वामी ग्रह शनि है. किसी भी शुभ कार्य के लिए इसे सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र माना जाता है. खेलकूद, विलासिता की वस्तुओं का आनंद लेने, उद्योग शुरू करने, कुशल श्रम, चिकित्सा उपचार, शिक्षा शुरू करने, यात्रा शुरू करने, दोस्तों को मिलने, कुछ सामान खरीदने और बेचने, आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ, सजावट, ललित कलाओं को सीखने के लिए यह एक अच्छा नक्षत्र है.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 12:26 से 14:05 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.