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कोयले की गुणवत्ता पर उठे सवाल के बाद तीन महीने से पुलिस को चकमा दे रहा था चालक, आखिरकार रात में ऐसे पकड़ा गया

बिलासपुर। हिर्री थाना पुलिस ने कोयले की गुणवत्ता में कथित हेरफेर के मामले में करीब तीन महीने से फरार चल रहे ट्रेलर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में उच्च गुणवत्ता का कोयला भेजे जाने के बावजूद कम गुणवत्ता वाला कोयला पहुंचाने का आरोप है।

दो ट्रेलरों में भेजा गया था उच्च गुणवत्ता वाला कोयला

मामले की शुरुआत पेंड्रा निवासी आशीष केशरी की शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता कोयला परिवहन और लिफ्टिंग का काम करता है। उसके अनुसार एसईसीएल की रामपुर कोयला खदान से दो ट्रेलरों में जी-6 श्रेणी का कोयला लोड कराया गया था।इन वाहनों के नंबर सीजी 12 एस 8901 और सीजी 04 एचएक्स 4888 बताए गए हैं। दस्तावेजों के मुताबिक कोयले की गुणवत्ता 5500 से 5800 जीसीवी के बीच निर्धारित थी। दोनों वाहनों से कोयला ब्रज आयरन एंड स्टील लिमिटेड, डिघोरा भेजा गया था।

प्लांट पहुंचने पर जांच में खुला मामला

कंपनी के प्लांट पहुंचने के बाद वहां केमिस्ट ने कोयले का लैब परीक्षण किया। जांच में दोनों ट्रेलरों से पहुंचाए गए कोयले की गुणवत्ता तय मानक से काफी कम पाई गई।परीक्षण में एक ट्रेलर के कोयले की गुणवत्ता 4203 जीसीवी और दूसरे में 4220 जीसीवी दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने इसी अंतर के आधार पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

तीन महीने से फरार था आरोपी चालक

शिकायत मिलने के बाद हिर्री पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक दामोदर प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम बनाई गई और मामले में फरार आरोपियों की तलाश शुरू की गई।जांच के दौरान वाहन क्रमांक सीजी 12 एस 8901 के चालक बृजेश जायसवाल की भूमिका सामने आई। पुलिस के मुताबिक वह करीब तीन महीने से फरार चल रहा था।

रात में हुई गिरफ्तारी, कोर्ट ने भेजा जेल

पुलिस ने बृजेश जायसवाल को 16 अगस्त 2026 की रात करीब 10:30 बजे गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान बृजेश जायसवाल, पिता मोहन लाल जायसवाल, उम्र 25 वर्ष, निवासी देऊघर, थाना जियावन, जिला सिंगरौली, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। वर्तमान में वह बिल्हा मोड़ हिर्री स्थित श्री सांई सा मिल में रह रहा था।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

दूसरे वाहन और पूरे नेटवर्क की भी जांच जारी

पुलिस अब मामले में यह पता लगाने में जुटी है कि निर्धारित गुणवत्ता वाले कोयले की जगह कम गुणवत्ता का कोयला किस स्तर पर बदला गया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। दूसरे ट्रेलर तथा उससे जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।फिलहाल पुलिस की कार्रवाई एक आरोपी की गिरफ्तारी तक पहुंची है, जबकि पूरे मामले की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।