रायपुर। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जमीनी प्रगति को लेकर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री और बिलासपुर लोकसभा सांसद तोखन साहू ने कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक ली। बैठक में अलग-अलग विभागों के कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
साहू ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र परिवारों को बिना अनावश्यक देरी के उसका लाभ मिले। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के साथ गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा।
महिला समूहों को मजबूत कर रोजगार के नए रास्ते खोलने पर जोर
ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्व-सहायता समूहों से जुडी महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और बाजार की संभावनाओं के आधार पर रोजगार तथा स्वरोजगार की नई गतिविधियां विकसित करने के निर्देश दिए।
उनका जोर इस बात पर रहा कि महिला समूह केवल योजनाओं के लाभार्थी न रहें, बल्कि स्थानीय उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण और बिक्री के जरिए स्थायी आय का माध्यम बनें।
अधूरे आवास और शौचालयों को जल्द पूरा कराने के निर्देश
प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति देखते हुए साहू ने निर्माणाधीन मकानों को जल्द पूरा कराने और हितग्राहियों को आवश्यक सहयोग देने को कहा। व्यक्तिगत तथा सामुदायिक शौचालयों के लंबित निर्माण कार्यों को भी प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पीएम जनमन योजना के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना से तैयार हो रहे संपर्क मार्गों की समीक्षा में उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर निर्माण संबंधी अडचनों को दूर करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सडक निर्माण में समयसीमा के साथ गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
विष्णुभोग धान को जिले की आर्थिक पहचान बनाने की दिशा में पहल
जिले में जैविक खेती को बढावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने की बात कही गई। साहू ने स्थानीय स्तर पर पहचान रखने वाले विष्णुभोग धान और चावल के उत्पादन, प्रसंस्करण तथा बाजार विस्तार पर ठोस योजना बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्थानीय कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार मिलने से किसानों की आमदनी बढ सकती है। इसके लिए उत्पादन से लेकर पैकेजिंग और विपणन तक पूरी श्रृंखला को मजबूत करने की जरूरत है।
सिंचाई से लेकर स्वास्थ्य तक, ग्रामीण जरूरतों पर रखा गया फोकस
बैठक में जल संसाधनों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। सिंचाई क्षमता बढाने के लिए जल निकायों की मरम्मत और पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान चलाने, कुपोषित बच्चों की स्थिति सुधारने और टीबी तथा मलेरिया नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। आयुष्मान कार्ड से वंचित पात्र लोगों को योजना से जोडने के लिए भी अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए।
राजस्व के लंबित मामलों का निपटारा होगा तो लोगों को कार्यालयों के चक्कर से मिलेगी राहत
सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों में राजस्व विभाग से जुडे मामलों की संख्या अधिक होने का उल्लेख करते हुए साहू ने सभी लंबित मामलों के जल्द निराकरण पर जोर दिया।
उन्होंने नक्शा-बटांकन, सीमांकन, नामांतरण और अभिलेखों में त्रुटि सुधार जैसे मामलों का प्राथमिकता के साथ निपटारा करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उद्देश्य यह है कि आम नागरिकों को छोटे-छोटे राजस्व मामलों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पडें।
राशन, स्कूल और बोर्ड परीक्षा की तैयारियों पर भी निगरानी बढाने को कहा
सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा में उचित मूल्य दुकानों तक खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने को कहा गया।
उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति, पढाई की व्यवस्था तथा मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जानकारी लेने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी बोर्ड परीक्षाओं में जिले के परिणाम को बेहतर बनाने के लिए अभी से विशेष तैयारी कराने पर जोर दिया।
मत्स्य पालन और श्रम विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं का व्यापक प्रचार करने तथा पात्र लोगों को अधिक से अधिक योजनाओं से जोडने के निर्देश भी दिए गए।
जिले में अब तक हजारों परिवारों को मिल चुका है सरकारी योजनाओं का लाभ
बैठक में कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जिले में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। अधिकारियों ने विभागवार प्रस्तुतीकरण के जरिए उपलब्धियां और वर्तमान स्थिति समिति के सामने रखी।
बैठक में जानकारी दी गई कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत जिले में 64 हजार 174 जॉबकार्डधारी परिवार पंजीकृत हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के श्रम बजट के तहत अब तक 9 लाख 96 हजार मानव दिवस का रोजगार सृजन किया जा चुका है।
बिहान समूह से जुडी 18 हजार 148 महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल किया जा चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 46 हजार 151 आवास पूरे हो चुके हैं।
गौरेला विकासखंड में पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत 1,080 आवासों में से 865 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत 36 हजार 924 हितग्राहियों को पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है।
खरीफ सीजन में 53 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर हो चुकी है बोनी
कृषि विभाग के अनुसार खरीफ वर्ष 2026 के लिए जिले में 58 हजार 693 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले अब तक 53 हजार 99 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है।
महिला और बाल विकास विभाग के आंकडों के अनुसार जिले में 839 आंगनबाडी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में 23 हजार 993 बच्चे दर्ज हैं। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।
जल जीवन मिशन में 69 हजार से ज्यादा घरों तक पहुंचा नल कनेक्शन
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में अब तक 3 लाख 16 हजार 675 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। अभी 24 हजार 248 पात्र लोगों के कार्ड बनाए जाना बाकी है। केंद्रीय मंत्री ने शेष पात्र लोगों को जल्द योजना से जोडने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन के तहत जिले में 563 योजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें से 245 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। कुल 84 हजार 901 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाने के लक्ष्य के मुकाबले 69 हजार 808 घरों में कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इनमें 55 हजार 800 नल कनेक्शन वर्तमान में क्रियाशील बताए गए।
जिले में 209 उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं और कुल 1 लाख 16 हजार 319 राशन कार्डधारक हैं।
बैठक में विधायक कोटा अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, नगर पालिका परिषद पेंड्रा के अध्यक्ष राकेश जालान, जनपद पंचायत गौरेला के अध्यक्ष शिवनाथ बघेल, जनपद पंचायत मरवाही की अध्यक्ष जानकी कुशरो, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।











