छत्तीसगढ़ : बलरामपुर जिले में तीन साल के मासूम की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने अवैध तरीके से इलाज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। शुरुआती कार्रवाई में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा संचालित चार क्लीनिकों को सील कर दिया गया है, जबकि जिले के अन्य संदिग्ध दवाईखानों और अवैध क्लीनिकों की जांच भी जारी है।
मासूम के इलाज के बाद बिगड़ी हालत, मौत से उठा मामला
जिले के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से बिना मान्यता प्राप्त डिग्री वाले लोगों द्वारा इलाज किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। मामला तब गंभीर हो गया जब एक झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराने के बाद तीन साल के बच्चे की मौत हो गई। बताया गया कि बच्चे को इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी जान चली गई।इस घटना के बाद प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी।
जिलेभर में अवैध क्लीनिकों की होगी जांच
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को अवैध क्लीनिक और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ सघन जांच करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का फोकस उन लोगों पर है जो बिना जरूरी डिग्री, वैध पंजीयन और अनुमति के इलाज या दवाइयों का कारोबार कर रहे हैं।
चार क्लीनिकों पर ताला, जांच अभी जारी
कार्रवाई के दौरान अब तक चार अवैध क्लीनिकों को सील किया जा चुका है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध रजिस्ट्रेशन, अनुमति और आवश्यक दस्तावेजों के किसी भी दवाईखाने या क्लीनिक का संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा।जांच और कार्रवाई की इस प्रक्रिया में राजपुर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बीएमओ डॉ. दीपक गुप्ता, पुलिसकर्मी और अन्य प्रशासनिक कर्मचारी शामिल रहे। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर अन्य अवैध क्लीनिकों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।