परी चौक से बस में बैठी थी छात्रा
पुलिस के अनुसार छात्रा कथित तौर पर अपने घर से नाराज होकर निकली थी और नोएडा में रहने वाले अपने चचेरे भाई के घर जाने वाली थी। परी चौक पर उसे एक खाली स्लीपर बस मिली। ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे बताया कि बस नोएडा सेक्टर 63 की ओर जा रही है, जिसके बाद छात्रा बस में बैठ गई।बस की खिड़कियों पर पर्दे लगे हुए थे और अंदर का हिस्सा बाहर से दिखाई नहीं दे रहा था।
बस में शुरू हुईं आपत्तिजनक हरकतें
पुलिस के मुताबिक छात्रा के बस में बैठने के बाद कंडक्टर ने उसके साथ आपत्तिजनक हरकतें शुरू कर दीं। विरोध करने पर उसे कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई।आरोप है कि इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर दोनों ने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद छात्रा को कश्मीरी गेट बस अड्डे पर उतार दिया गया।
चंद्रशेखर आजाद ने महिला सुरक्षा पर उठाए सवाल
इस घटना पर आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए और निर्भया कांड का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नाबालिग छात्रा के साथ चलती स्लीपर बस में हुई यह घटना महिला सुरक्षा से जुड़े नियमों और निगरानी व्यवस्था की गंभीर खामियों को सामने लाती है।उन्होंने बसों में सुरक्षा नियमों के पालन और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाए।
बस के गहरे पर्दों पर भी सवाल
घटना में स्लीपर बस की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि बस में ऐसे पर्दे लगे थे, जिनसे अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई नहीं देती थीं।यात्री बसों में यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर निर्धारित नियमों के पालन पर पहले से जोर दिया जाता रहा है। ऐसे में इस घटना ने स्लीपर बसों में CCTV, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा मानकों के वास्तविक क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस जांच में अब कई पहलुओं की होगी पड़ताल
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। बस की गतिविधियों, सुरक्षा व्यवस्था और घटना के दौरान मौजूद परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा सकती है।नाबालिग के साथ हुई इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की बस सेवाओं में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत को सामने ला दिया है।