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कोरबा NTPC में फिर लौटने लगी बिजली उत्पादन की रफ्तार, 24 घंटे बाद तीन यूनिट शुरू, बाकी पर काम जारी

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित दरी क्षेत्र के NTPC पावर प्लांट में तकनीकी खराबी के बाद बंद हुआ बिजली उत्पादन अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। शुक्रवार शाम अचानक सातों यूनिट ट्रिप होने से उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया था। करीब 24 घंटे की तकनीकी मशक्कत के बाद शनिवार शाम तक तीन यूनिट को दोबारा सफलतापूर्वक शुरू कर दिया गया।

दो 500 मेगावाट और एक 200 मेगावाट यूनिट चालू

NTPC अधिकारियों के अनुसार, शनिवार शाम करीब 6 बजे तक तीन यूनिटों को चालू कर लिया गया। इनमें 500 मेगावाट क्षमता की दो यूनिट और 200 मेगावाट क्षमता की एक यूनिट शामिल है।इन यूनिटों के शुरू होने के बाद प्लांट में बिजली उत्पादन बहाल होने की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। तकनीकी टीम बाकी यूनिटों को भी चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित रूप से शुरू करने में जुटी हुई है।

शुक्रवार शाम ट्रिप हुई थीं सातों यूनिट

कोरबा के NTPC पावर प्लांट में शुक्रवार शाम करीब 6 बजे बिजली व्यवस्था से जुड़ी तकनीकी समस्या सामने आई थी। इसके बाद प्लांट की सातों उत्पादन यूनिट एक साथ ट्रिप हो गईं।अचानक सभी यूनिट बंद होने से पावर प्लांट में बिजली उत्पादन पूरी तरह रुक गया था। घटना के तुरंत बाद NTPC की तकनीकी टीम ने खराबी का पता लगाने और उत्पादन व्यवस्था बहाल करने का काम शुरू किया।

एक यूनिट में पहले से चल रहा है ओवरहॉलिंग का काम

कोरबा स्थित NTPC प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता करीब 2600 मेगावाट है। यहां 500 मेगावाट क्षमता की चार और 200 मेगावाट क्षमता की तीन यूनिट संचालित होती हैं।हालांकि, 500 मेगावाट क्षमता की एक यूनिट 25 अगस्त से पहले ही ओवरहॉलिंग के कारण बंद है। इस यूनिट में रखरखाव और मरम्मत का कार्य चल रहा है।

बाकी यूनिटों को शुरू करने की तैयारी जारी

NTPC की जनसंपर्क अधिकारी उष्मा घोष के अनुसार, शेष यूनिटों को भी एक-एक कर दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। तकनीकी टीम हर यूनिट की जांच के बाद उसे सुरक्षित तरीके से सिंक्रोनाइज करने में जुटी है।

तकनीकी खराबी का कारण अब भी जांच के दायरे में

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर किस तकनीकी खराबी के कारण एक साथ सातों यूनिट ट्रिप हुईं। अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारणों की जांच कर रही है।जांच पूरी होने के बाद ही खराबी की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल प्राथमिकता प्लांट की शेष यूनिटों को सभी सुरक्षा मानकों के साथ दोबारा शुरू कर बिजली उत्पादन को पूरी क्षमता के करीब पहुंचाना है।