दीप प्रज्ज्वलन पर भूपेश बघेल के सवाल का साव ने दिया जवाब
अरुण साव ने कहा कि जिन्हें किसी खर्च का हिसाब मांगना है, वे संबंधित जगह पर हिसाब मांगें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लोगों के समर्थन और आशीर्वाद के प्रतीक के तौर पर दीप जलाए जा रहे हैं।छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेशभर में 36 लाख आशीर्वाद के दीये जलाने की योजना बताई गई है।
महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर कांग्रेस द्वारा महंगाई और बेरोजगारी दिवस मनाए जाने को लेकर भी अरुण साव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक विरोध के लिए इस तरह के कार्यक्रम करने का आरोप लगाया।महंगाई के सवाल पर साव ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों का बचाव किया और भारत की स्थिति की तुलना दूसरे देशों से करने की बात कही। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को पाकिस्तान में महंगाई की स्थिति देखने की बात भी कही। यह उनके राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आया है।
CGPSC इंटरव्यू स्थगित होने पर क्या बोले अरुण साव
CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2025 के दस्तावेज सत्यापन और इंटरव्यू स्थगित किए जाने को लेकर भी साव ने कांग्रेस पर निशाना साधा। आयोग ने 16 सितंबर को जारी सूचना में 20 विभागों के 265 पदों के लिए प्रस्तावित दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार प्रक्रिया को अपरिहार्य कारणों से स्थगित किया है। नई तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी।अरुण साव ने पिछली सरकार के दौरान सामने आए कथित PSC घोटाले का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
रावतपुरा फेस-2 में 40 मकानों पर कार्रवाई के बाद अधिकारियों को संदेश
रावतपुरा फेस-2 में स्वीकृत नक्शे के बिना बनाए गए करीब 40 मकानों पर नगर निगम की कार्रवाई के बाद यह मामला भी चर्चा में है। रिपोर्टों के अनुसार, निगम ने इन मकानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी और मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा।नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि अवैध निर्माण को अंतिम चरण तक पहुंचने देने के बजाय शुरुआत में ही रोकना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण गतिविधियों पर नजर रखने और अवैध निर्माण की जानकारी मिलते ही जांच कर कार्रवाई करने को कहा।साव के मुताबिक, अधिकारियों को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि अवैध निर्माण की स्थिति पैदा ही न हो और नियमों का उल्लंघन शुरुआती स्तर पर ही रोका जाए।