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शिवरीनारायण को 63 करोड़ रुपये से अधिक के नए पुल की सौगात, STP और नगरपालिका बनाने की दिशा में भी पहल

 छत्तीसगढ़ :  धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले नगर शिवरीनारायण के विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। बुधवार, 14 अक्टूबर को तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव का शुभारंभ करते हुए उन्होंने महानदी पर 63 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नया पुल बनाने का ऐलान किया। इसके अलावा नगर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने, राम वनगमन पर्यटन परिपथ के तहत धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और शिवरीनारायण को नगरपालिका बनाने की संभावनाओं के अध्ययन के लिए सर्वे कराने की घोषणा भी की।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दे रही है। इन पहलों का उद्देश्य शिवरीनारायण को बेहतर संपर्क व्यवस्था, स्वच्छता और पर्यटन सुविधाओं से जोड़ना है।

महानदी पर नए पुल से बेहतर होगी कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण की धार्मिक महत्ता और आसपास के क्षेत्रों की आवश्यकताओं को देखते हुए आवागमन की सुविधाओं को मजबूत करना जरूरी है। महानदी पर प्रस्तावित पुल के निर्माण से स्थानीय निवासियों के साथ आसपास के गांवों के लोगों को भी आने-जाने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

पुल बनने से क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से इसे बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से स्वच्छता और नदी संरक्षण पर जोर

शिवरीनारायण में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी स्थापित करने की भी घोषणा की गई है। इस संयंत्र के माध्यम से गंदे पानी का शोधन किया जा सकेगा। इससे नगर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और महानदी में प्रदूषण कम करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

धार्मिक महत्व वाले इस नगर में स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार स्थानीय नागरिकों के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।

शिवरीनारायण को नगरपालिका बनाने के लिए होगा सर्वे

मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण को नगरपालिका का दर्जा देने की संभावनाओं पर भी बात की। इसके लिए आवश्यक सर्वे कराने की घोषणा की गई है। सर्वे के माध्यम से नगर की वर्तमान स्थिति, भविष्य की जरूरतों और विकास की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।

फिलहाल नगरपालिका बनाने की प्रक्रिया में सर्वे की घोषणा हुई है। अंतिम निर्णय संबंधित अध्ययन और निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा।

राम वनगमन पर्यटन परिपथ से धार्मिक पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिवरीनारायण के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत इसके विकास पर जोर दिया। शिवरीनारायण को माता शबरी की भक्ति और भगवान श्रीराम की वनयात्रा से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम को भांजे के रूप में सम्मान देने की विशिष्ट परंपरा रही है। इस क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय व्यापार, रोजगार और आजीविका के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।

उन्होंने श्रीरामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके माध्यम से अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

महोत्सव में गौपूजन और मां चित्रोत्पला गंगा की महाआरती

तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने गौमाता की पूजा की और मां चित्रोत्पला गंगा की महाआरती में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री ने महोत्सव और शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए माता शबरी की धरती पर पहुंचने को सौभाग्य बताया। उन्होंने शिवरीनारायण में प्रतिदिन होने वाली संध्या आरती की परंपरा की सराहना की और कहा कि धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति तथा विरासत से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार गठन के बाद पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया था। उनके अनुसार, इनमें से लगभग साढ़े 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिदिन करीब 1,600 आवासों का निर्माण पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 6 हजार आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं, पीएम-जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं।

किसानों के लिए धान खरीदी और तेंदूपत्ता संग्रहण का जिक्र

किसानों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसानों को सुविधा देने के लिए प्रदेश में 250 से अधिक नए धान खरीदी केंद्र शुरू किए गए हैं।

उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किए जाने की जानकारी भी दी। सरकार के अनुसार, इन कदमों का उद्देश्य किसानों और वन उपज संग्राहकों को आर्थिक सहायता देना है।

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रही आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उनके मुताबिक, इस योजना से महिलाओं को घरेलू जरूरतों को पूरा करने और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिल रही है।

बस्तर में 421 बंद स्कूल फिर शुरू होने का दावा

बस्तर क्षेत्र में विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने नियद नेल्लानार योजना और अग्रणी बस्तर अभियान के माध्यम से दूरस्थ इलाकों तक सुविधाएं पहुंचाने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में पहले बंद हो चुके 421 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य शिक्षा, बुनियादी सुविधाओं और विकास योजनाओं के विस्तार के माध्यम से बस्तर में स्थायी शांति और विकास का आधार मजबूत करना है।

शिवरीनारायण के विकास को नई दिशा देने की तैयारी

महानदी पर प्रस्तावित पुल, एसटीपी की स्थापना, धार्मिक पर्यटन के विस्तार और नगरपालिका बनाने के लिए सर्वे जैसी घोषणाओं से शिवरीनारायण के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इन पहलों का वास्तविक असर इनके क्रियान्वयन, परियोजनाओं की समयसीमा और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगा।