जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में भारत और नीदरलैंड के दो युवाओं का विवाह चर्चा का विषय बना हुआ है। पामगढ़ विकासखंड के भुईगांव की रहने वाली 25 वर्षीय युवती क्रिस्टीना नथेनियल ने नीदरलैंड के 32 वर्षीय युवक क्रिस्टियन एंड्रीयश वरबूम के साथ विवाह किया है। दोनों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर विवाह अधिकारी के समक्ष कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उन्हें विवाह प्रमाण पत्र भी जारी किया गया।
विदेश से आए युवक और छत्तीसगढ़ की युवती के इस विवाह के दौरान दोनों परिवारों के सदस्य मौजूद रहे। विवाह की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी के चेहरों पर खुशी नजर आई। जिले के एक छोटे से गांव की युवती और विदेशी युवक के इस रिश्ते ने स्थानीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है।
नीदरलैंड से छत्तीसगढ़ पहुंचा दूल्हा
इस विवाह की खास बात यह है कि दूल्हा नीदरलैंड का निवासी है, जबकि दुल्हन जांजगीर-चांपा जिले के भुईगांव की रहने वाली है। दोनों ने परिवार की सहमति और मौजूदगी में अपने रिश्ते को विवाह का रूप दिया। कलेक्ट्रेट में विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त करने के दौरान परिजन भी साथ रहे।
कौन हैं दूल्हा और दुल्हन?
विवाह प्रमाण पत्र में दर्ज जानकारी के मुताबिक, दूल्हे का नाम क्रिस्टियन एंड्रीयश वरबूम है। उनकी उम्र 32 वर्ष है और वे नीदरलैंड के निवासी हैं। उनके पिता का नाम विलेम डीर्क वरबूम बताया गया है।
वहीं, दुल्हन क्रिस्टीना नथेनियल 25 वर्ष की हैं। वह छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड स्थित भुईगांव की निवासी हैं। उनके पिता का नाम हनोल नथेनियल है।
कलेक्ट्रेट में तीन गवाहों की मौजूदगी में संपन्न हुआ विवाह
दोनों ने जांजगीर-चांपा जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में विवाह की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। विवाह अधिकारी प्रमोद गुप्ता के समक्ष तीन गवाहों की उपस्थिति में धारा 5 के तहत आवश्यक घोषणा की गई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद विवाह अधिकारी ने दोनों को प्रमाण पत्र जारी किया।
कलेक्ट्रेट परिसर में विवाह के दौरान ली गई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। इसके बाद यह विवाह जिले में चर्चा का विषय बन गया।
नीदरलैंड में नौकरी के दौरान हुई थी मुलाकात
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, क्रिस्टीना नथेनियल नौकरी के सिलसिले में नीदरलैंड में रह रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात क्रिस्टियन एंड्रीयश वरबूम से हुई। शुरुआत में दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो समय के साथ प्रेम संबंध में बदल गई।
एक-दूसरे को समझने और साथ जीवन बिताने का निर्णय लेने के बाद दोनों ने विवाह करने का फैसला किया। बताया गया है कि इस रिश्ते को परिवारों की सहमति भी मिली। इसके बाद दोनों ने छत्तीसगढ़ पहुंचकर विवाह की कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
भुईगांव की युवती और नीदरलैंड के युवक के इस विवाह ने एक बार फिर दिखाया कि अलग-अलग देशों और पृष्ठभूमियों से आने वाले लोग भी आपसी समझ और सहमति के आधार पर जीवनसाथी बनने का निर्णय ले सकते हैं।











