छत्तीसगढ़ : 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय गौरव और विकास यात्रा का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने अपने 26 वर्षों के सफर में अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए विकास और उपलब्धियों के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित की है।मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ को भगवान श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या की पावन भूमि बताते हुए यहां की समृद्ध लोक संस्कृति और जनजातीय परंपराओं को प्रदेश की विशेष पहचान बताया।
अटल बिहारी वाजपेयी को किया याद
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संदेश में पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का विशेष रूप से स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अटल जी की दूरदर्शी सोच, मजबूत इच्छाशक्ति और नेतृत्व क्षमता के कारण ही छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा मिल सका।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन प्रदेशवासियों की लंबे समय से चली आ रही उम्मीदों और आकांक्षाओं को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक फैसला था।
तीन दिनों तक मनाया जाएगा स्थापना दिवस समारोह
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश में तीन दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा।इस वर्ष कुल 41 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इनमें संस्कृति विभाग की ओर से 14 और अन्य विभागों के माध्यम से 27 सम्मान शामिल हैं।
41 श्रेणियों में मिलेगा राज्य अलंकरण
राज्य अलंकरण समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। कला, संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, कृषि, समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण, सहकारिता, श्रमिक कल्याण और सामाजिक जागरूकता सहित कई क्षेत्रों में योगदान देने वालों को पुरस्कार दिए जाएंगे।गौरतलब है कि पिछले वर्ष 34 श्रेणियों में राज्य अलंकरण प्रदान किए गए थे। इस बार पुरस्कारों की संख्या बढ़ाकर 41 कर दी गई है।
तीजन बाई और संत रविदास के नाम से शुरू होंगे दो नए सम्मान
इस बार राज्य अलंकरण समारोह में दो नए पुरस्कार भी शामिल किए गए हैं। ये सम्मान प्रसिद्ध पंडवानी गायिका स्वर्गीय तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर शुरू किए जा रहे हैं।दोनों विभूतियों के नाम से दिए जाने वाले ये पुरस्कार पहली बार प्रदान किए जाएंगे। इसके जरिए छत्तीसगढ़ की लोक कला, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता में योगदान देने वाली महान विभूतियों के विचारों और कार्यों को सम्मान देने का प्रयास किया जाएगा।
26 वर्षों की विकास यात्रा का उत्सव
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और विकास की उपलब्धियों को याद करने का अवसर है। इस बार 41 राज्य अलंकरण और दो नए सम्मानों की शुरुआत समारोह को विशेष महत्व दे रही है।











