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अबूझमाड़ के कोहकामेटा, सोनपुर और बासिंग में वी-सेट लगने से मिली इंटरनेट की सुविधा

 यहां के किसानों को धान बेचने में नही होगी कोई परेशानी

गांवों में ही बनेंगे आय, जाति, निवास सहित अन्य दस्तावेज

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का महाभियान एक नवम्बर से प्रारंभ हो गया है। राज्य सरकार किसानों को धान बेचने में कोई परेशानी न हो इसके लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की है।

 

इस वर्ष किसानों को सामान्य टोकन के साथ-साथ टोकन तुहंर हाथ ‘एप्प’ के जरिए भी टोकन धान विक्रय की सुविधा दी गई है। धान विक्रय संबंधी समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए वरिष्ठ अधिकारी तैनात किए गए हैं। इसी कड़ी में नारायणपुर जिला प्रशासन द्वारा दूरस्थ वनांचल ग्राम कोहकामेटा, सोनपुर और बासिंग में वी-सेट के माध्यम से हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कर एक नही पहल की शुरूआत की है। Internet facility provided by installation of V-set in Abujhmad

 

गौरतलब है कि नारायपुर वनांचल एवं पहाड़ी क्षेत्र हैं जहां नेटवर्क की समस्याएं बनी रहती है, ऐसी स्थिति में नारायणपुर कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा नेटवर्क की समस्याओं से निजात पाने जिले के दूरस्थ अबूझमाड़ क्षेत्र के पंचायतों में वी-सेट इंटरनेट से जोड़कर सामान्य सेवा केंद्र शुरू किए जा रहे हैं।

इससे इन पंचायतों में बगैर समस्या के हाईस्पीड इंटरनेट सेवा की सुविधा जारी रहेगी। जिले में ऐसे 3 पंचायतों का चयन किया गया है। जिन हिस्सों में वर्तमान में इंटरनेट की सुविधा नही है और जहां धान खरीदी की शुरुआत की गई है। वी-सेट से जुड़ते ही यहां पूरे समय सीएससी में काम जारी रहेगा।

सीएससी के माध्यम से पंचायतों में आय, जाति, निवास सहित अन्य दस्तावेज भी बनाने का काम जारी है। इन क्षेत्रो के ग्रामीणों को ऐसे कार्यों के लिए ब्लाक व जिला मुख्यालय तक पहुंचना पड़ता था । इसी समस्या के चलते कलेक्टर ने ऐसे गांवों को चिह्नित कर वी-सेट से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन की पहल पर जिले की 3 ग्राम पंचायतों कोहकामेटा, सोनपुर और बासिंग में वी-सेट लगाया जा रहा है। गांवों के किसानों से बात करने पर उन्होंने बताया कि वी-सेट लगने से गांव के किसानों को अब धान का टोकन प्राप्त करने सहित शासन की अन्य योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा लोक सेवायें नागरिकों को आसानी से प्राप्त होगी। गांवों में आधार पंजीयन केन्द्र भी प्रारंभ होंगे, जिससे ग्रामीणों को आधार पंजीयन, सुधार की सुविधा भी प्राप्त होगी।