मुख्यमंत्री बघेल ने तीन प्रमुख योजनाओं
के लिए 22 करोड़ मंजूरी की घोषणा की
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ गौरव दिवस के अवसर पर शनिवार 17 दिसंबर की सुबह यहां कलेक्टोरेट चौक स्थित ‘छत्तीसगढ़ महतारी‘ की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित उन्हें नमन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं की औऱ् सब्जियों के लंगर में शामिल हुए।
अपने निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री बघेल ने वर्चुअल कार्यक्रम को सम्बोधन के दौरान ’मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा’ की घोषणा करते हुए कहा कि इस योजना के लिए 100 करोड़ रूपए,सभी शालाओं, छात्रावासों, आश्रमों, शासकीय भवनों के रख रखाव और उन्नयन के लिए एक हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
तकनीकी शिक्षा के स्तर में सुधार हेतु औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के उन्नयन के लिए ’स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट आईटीआई योजना’ की घोषणा करते हुए इस योजना के लिए 1200 करोड़ रूपए देने की घोषणा की ।
वहीं मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ गौरव दिवस के अवसर पर शनिवार 17 दिसंबर की सुबह यहां कलेक्टोरेट चौक स्थित ‘छत्तीसगढ़ महतारी‘ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार के 4 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शनिवार 17 दिसंबर को पूरे प्रदेश में छत्तीसगढ़ गौरव दिवस मनाया जा रहा है।
नगर निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल, कलेक्टर रायपुर सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे और नगर निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
सब्जियों के लंगर स्टॉल से सब्जियों का निःशुल्क वितरण

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर जरूरतमंद लोगों को सब्जियों के लंगर स्टॉल से सब्जियों का निःशुल्क वितरण किया। गौरव दिवस पर पंडित रविशंकर शुक्ला वार्ड के पार्षद एवं एमआईसी सदस्य आकाश तिवारी ने 5 टन सब्जियों का लंगर अंबेडकर चौक पर प्रारंभ किया।
जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री बघेल ने किया। मुख्यमंत्री ने आमजनों कोे सब्जियां जैसे फूलगोभी, पत्ता गोभी, भाटा, लौकी आदि सब्जियां वितरित की। इस अवसर पर गिरीश दुबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।















