Advertisement Carousel

ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद रायपुर में विरोध प्रदर्शन, मोमिनपारा में शिया समुदाय ने दी श्रद्धांजलि, अमेरिका-इजरायल के खिलाफ लगे नारे

रायपुर। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद देश के कई हिस्सों में प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी इस घटना का असर साफ नजर आया। राजधानी के मोमिनपारा इलाके में शिया समुदाय के लोगों ने खामेनेई की शहादत पर श्रद्धांजलि अर्पित की और अमेरिका-इजरायल द्वारा किए गए इस हमले की कड़ी निंदा की।

बता दें कि मोमिनपारा इलाके में विरोधी स्वरूप प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर अमेरिका और इजरायल के झंडे चिपकाकर उन पर पैरों के निशान बनाए। इस दौरान लोगों ने अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ रुख प्रतिक्रिया व्यक्त की।

प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि यह हमला निंदनीय है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

ईरानी दूतावास का बयान

इधर, भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी इस घटना पर बयान जारी किया है। दूतावास ने दुनिया भर की इजरायली सेनाओं से अमेरिकी-इजरायली हमले की कड़ी निंदा करने और चुप न रहने की अपील की है। बयान में खामेनेई की मौत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया गया।

ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार को पुष्टि की कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले में उनकी मौत हुई। दूतावास ने कहा कि स्वतंत्र और न्यायप्रिय राष्ट्रों को इस खुले अपराध की स्पष्ट शब्दों में निंदा करनी चाहिए और ऊंचाइयों के सामने मौन नहीं रहना चाहिए।

बयान में यह भी कहा गया कि अमेरिका और इजरायल को इस कार्रवाई के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस बीच, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बदला लेने की चेतावनी देते हुए दावा किया है कि उसने पश्चिमी एशिया में अमेरिकी फौज पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।

ईरानी दूतावास ने अपने भाषण में कहा कि ईरान की जनता प्रतिबद्धता और संकल्प के साथ अपने मार्ग पर आगे बढ़ती रहेगी और देश के कामकाज में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा। साथ ही, शहीदों का बलिदान देश की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा के संकल्प को और मजबूत करेगा।