रायपुर: breastfeeding week organized राजधानी स्थित श्री नारायणा हॉस्पिटल में 6 अगस्त, मंगलवार को ब्रेस्ट फीडिंग वीक मनाया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि हॉस्पिटल की मैनेजिंग डायरेक्टर, डॉ. मेघा खेमका थीं। इस अवसर पर अस्पताल की गाइनेकोलॉजिस्ट, डॉ. संजना खेमका अग्रवाल ने श्री नारायणा नर्सिंग इंस्टीट्यूट के नर्सिंग स्टूडेंट्स द्वारा आयोजित पोस्टर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
मां के दूध से बच्चे को मिलता है एंटीबॉडीज
breastfeeding week organized डॉ संजना ने बताया की मां के दूध को ‘लिक्विड गोल्ड’ कहते हैं, जो कहीं से भी खरीदा नहीं जा सकता। एक्सक्लूसिव ब्रेस्टफीडिंग टाइम 6 माह का होता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में दो-तीन साल तक के बच्चों को भी फिडिंग कराई जाती है। मां के दूध से बच्चे को एंटीबॉडीज मिलती है। पहले दूध कोलेस्ट्म को सबसे ज्यादा स्ट्रांग माना जाता है। इसी से बच्चे की इम्युनिटी बहुत अच्छे से डेवलप होती है।
माँ अगर बच्चे को दूध पिलाती है तो पोस्टपार्टम हैमरेज यानी ब्लीडिंग होने के चांसेस न्यूनतम हो जाते हैं। ब्रेस्ट कैंसर ओवेरियन कैंसर या गर्भाशय के कैंसर आदि के भी चांसेस न्यूनतम हो जाते हैं प्रोजेस्टेरोन हार्मोन केवल औरतों में होता है। आदमियों में नहीं जिसकी वजह से उन्हें हार्ट अटैक जैसी घातक बीमारियां नहीं होतीं।