CG Crime News : रायपुर. वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में पहली बार गांजा तस्करी के खेल का खुलासा हुआ है. दोनों लड़कियां बिलासपुर की रहने वाली है और रुपयों की लालच में विशाखापट्टनम जाकर वहां से गांजा लेकर बिलासपुर आ रही थी. दोनों लड़कियां वंदे भारत ट्रेन के एसी टू कोच में यात्रा कर रही थीं. जिन्हें 24 किलों गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया है.
जानकारी के अनुसार ट्रेनों में अब गांजा तस्करी करने का तरीका तस्करों ने बदला है. सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों की बजाय अब वंदे भारत एक्सप्रेस जैसे प्रीमियम ट्रेनों में भी तस्कर गांजा तस्करी करने लगे है. तस्करी का ट्रेंड बदलते हुए तस्कर कार्यवाही से बचने के लिए युवतियों को भी इसमें शामिल कर रहे हैं. शनिवार को रायपुर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो,आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए दो युवतियों को गिरफ्तार किया है. दोनों युवतियां बिलासपुर की रहने वाली है.
दोनों युवतियां बिलासपुर से विशाखापट्टनम गई और वहां से गांजा लेकर वापस बिलासपुर आ रही थी. जिन्हें वंदे भारत ट्रेन के एसी टू कोच से 24 किलो गांजा के साथ पकड़ा गया है. जप्त गांजे की कीमत 12 लाख रुपए हैं. पहली बार स्थानीय स्तर पर गांजा तस्करी में लड़कियों को गिरफ्तार किया गया है.
एजेंसियों को पहले से थी तस्करी की जानकारी
जानकारी के अनुसार, दोनों युवतियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वे पैसों के लालच में इस कार्य में शामिल हुई. जांच में सामने आया है कि दोनों युवतियां विशाखापट्टनम से गांजा खरीदकर उसे बिलासपुर ले जाने वाली थीं. जांच एजेंसियों से बचने के लिए उन्होंने वंदे भारत ट्रेन का चयन किया, ताकि उन पर किसी को संदेह न हो. हालांकि, एजेंसियों को पहले ही इस तस्करी की सूचना मिल चुकी थी. जैसे ही दोनों रायपुर स्टेशन पर ट्रेन से उतरी, टीम ने उनके सामान की जांच की. जांच के दौरान उनके बैग से 24 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसके बाद दोनों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया.
काम पूरा होने पर मिलते 50 हजार रुपये से अधिक
गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तार हुईं रीना (तिफरा, बिलासपुर) और नीलम राठौर (तिफरा, बिलासपुर) ने अधिक पैसे कमाने के लालच में इस अवैध काम को चुना. जानकारी के अनुसार, किसी तीसरे व्यक्ति के कहने पर दोनों विशाखापट्टनम गईं और वहां से गांजा लेकर बिलासपुर लाने के लिए तैयार हुईं. सूत्रों के मुताबिक, इस काम के बदले दोनों को 50 हजार रुपये से अधिक की रकम मिलने वाली थी. तस्करी की पूरी योजना उन्हें पहले ही समझा दी गई थी, ताकि वे जांच एजेंसियों से बच सकें. सफर के दौरान दोनों ने पूरी सावधानी बरती. उन्होंने वंदे भारत ट्रेन में यात्रा करते समय अच्छे और सामान्य दिखने वाले कपड़े पहने, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो. हालांकि, जांच एजेंसियों को पहले से ही इस तस्करी की सूचना मिल चुकी थी, जिसके चलते रायपुर पहुंचते ही दोनों को पकड़ लिया गया. बताया जा रहा है कि दोनों युवतियां छात्रा हैं.








