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व्यापारियों की समस्याओं को सुलझाने चेंबर अध्यक्ष सतीश थौरानी की बड़ी पहल, विषय विशेषज्ञों को बनाया विभागों का सलाहकार…

रायपुर। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने व्यापारिक हितों के संरक्षण और व्यापारियों को तकनीकी व कानूनी अड़चनों से राहत दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. चेम्बर द्वारा प्रदेश भर के विषय विशेषज्ञों को विभिन्न विभागों के लिए सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है.

यह विशेषज्ञ टीम व्यापारियों को जीएसटी, आयकर, बैंकिंग और श्रम कानून जैसे जटिल विषयों पर आ रही परेशानियों का निराकरण करने और उन्हें सही मार्गदर्शन देने के लिए सीधे संपर्क में रहेगी.

जीएसटी एवं अप्रत्यक्ष कर (GST & Indirect Tax litigation) विभाग में चेतन तारवानी, भावेश मित्तल, जितेन्द्र खनूजा, नितिन गोयल और रश्मि वर्मा सहित 20 अनुभवी विशेषज्ञों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. ये विशेषज्ञ रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, भिलाई और अन्य शहरों के व्यापारियों को जीएसटी संबंधी कानूनी पेचीदगियों पर सलाह देंगे.

आयकर एवं मुकदमेबाजी (IncomeTax & litigation) से संबंधित व्यापारियों को आयकर से संबंधित नोटिस और अन्य विधिक कार्यों में सहयोग के लिए हार्दिक पाटनी, मुकुल चोरड़िया, डिंपल वल्र्यानी और रितेश जायसवाल सहित 9 विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है.

MSME सब्सिडी, बैंकिंग एवं वित्त (MSME Subsidy, Banking Finance) जैसे विषय पर छोटे और मध्यम उद्योगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और बैंकिंग संबंधी सहायता के लिए अरिहंत जैन, दाहवाल शाह और विक्रम देवनानी सहित 9 सलाहकार नियुक्त किए गए हैं.

साथ ही श्रम कानून और रेरा से संबंधित विषयों के लिए हिमांशु लालवानी और सीए टुटेजा जी को विशेषज्ञ नियुक्त किया गया है.

चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने बताया कि छत्तीसगढ़ का व्यापारी वर्ग हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. अक्सर जीएसटी, आयकर और बैंकिंग जैसे जटिल तकनीकी विषयों के कारण व्यापारियों को अनावश्यक मानसिक और आर्थिक दबाव झेलना पड़ता है. हमारा लक्ष्य केवल व्यापार करना नहीं, बल्कि ”व्यापार सुगमता” को धरातल पर उतारना है.

इसी उद्देश्य के साथ हमने प्रदेश के चोटी के विशेषज्ञों की एक ”एडवाइजरी टीम” तैयार की है. ये सलाहकार केवल कागजों पर नहीं, बल्कि सीधे फील्ड में उतरकर व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करेंगे. अब किसी भी व्यापारी को नोटिस या कानूनी पेचीदगियों से घबराने की जरूरत नहीं है. हमारी टीम उनके साथ खड़ी है. हम एक ऐसा वातावरण बनाना चाहते हैं, जहां छत्तीसगढ़ का हर व्यापारी निडर होकर अपने व्यापार का विस्तार कर सके और प्रदेश की उन्नति में सहभागी बने.