रायपुर। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर में एक ऐतिहासिक पहल के तहत “रुद्र सेना” एवं “रुद्र शक्ति” के पोस्टर का भव्य विमोचन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं संत-महात्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, खाद्य आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, युवा समाजसेवी बसंत अग्रवाल एवं भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रज्ञा निर्वाणी ने संयुक्त रूप से पोस्टर का विमोचन किया।
क्या है “रुद्र सेना” और “रुद्र शक्ति”?
यह संगठन सनातन धर्म की सेवा, मठ-मंदिरों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार तथा वेद-उपनिषदों की महान परंपरा को पुनः समाज में स्थापित करने के उद्देश्य से गठित किया गया है।
रुद्र सेना – युवकों को धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभाव से जोड़ने हेतु बनाया गया है।
रुद्र शक्ति – युवतियों को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक सशक्तिकरण हेतु जोड़ा जाएगा।
इस आध्यात्मिक अभियान के प्रेरणास्रोत दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर स्वामी राजीव लोचन दास जी महाराज हैं। संरक्षक मंडल में देशभर के प्रमुख अखाड़ों एवं मठों के संत-महंतों को शामिल किया गया है।
संयोजक महंत सुरेंद्र दास ने कहा कि “रुद्र सेना और रुद्र शक्ति केवल संगठन नहीं, बल्कि सनातन के पुनर्जागरण का एक विराट आंदोलन है। आज समय की मांग है कि हम अपनी जड़ों की ओर लौटें और मठ-मंदिरों को केवल पूजा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कृति और राष्ट्र निर्माण का केंद्र बनाएं।”
धर्म स्तंभ काउंसिल के सभापति डॉ. सौरव निर्वाणी ने कहा कि “हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में लाखों युवाओं को सनातन धर्म, वेद-उपनिषद और भारतीय संस्कृति से जोड़ा जाए। रुद्र सेना और रुद्र शक्ति के माध्यम से हम समाज में आध्यात्मिक चेतना का ऐसा जागरण करेंगे, जो राष्ट्र निर्माण की नई दिशा तय करेगा। यह अभियान मठ-मंदिरों की स्वायत्तता और संरक्षण के लिए भी निर्णायक भूमिका निभाएगा।”
कार्यक्रम में बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, फिल्म विकास बोर्ड छत्तीसगढ़ की अध्यक्ष मोना सेन, चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अमर परवानी, वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ युवा के अध्यक्ष राघवेन्द्र दास, अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत, सामाजिक कार्यकर्ता विशाल खंडेलवाल, पवन खंडेलवाल, आशीष तिवारी, डॉ. रमेश खंखरियाल, अभिनय शर्मा सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
क्रांतिकारी संत कथा वाचक दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर स्वामी राजीव लोचन दास ने कहा कि यह पहल केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि “संस्कृति, सेवा और संगठन” के माध्यम से एक सशक्त राष्ट्र निर्माण की दिशा में बड़ा कदम है।











