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स्कूल भवन निर्माण में सुस्ती पर कलेक्टर सख्त : पीएम श्री और स्वामी आत्मानंद स्कूलों के निरीक्षण में मिली खामियां, डीईओ, डीएमसी समेत इंजीनियरों को शो-कॉज नोटिस

मुंगेली। जिले में बन रहे पीएम श्री और स्वामी आत्मानंद स्कूलों के निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार अब प्रशासन की नजरों में आ गई है। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जब इन स्कूलों का जमीनी निरीक्षण किया तो कई जगह काम की रफ्तार और गुणवत्ता दोनों ही सवालों के घेरे में नजर आई। नतीजा यह हुआ कि मौके पर ही अधिकारियों को फटकार पड़ी और कई जिम्मेदार अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय के साथ मुंगेली विकासखंड के मोतिमपुर (अमरटापू) में निर्माणाधीन पीएम श्री विद्यालय का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने लैब, लाइब्रेरी, कक्षाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि पीएम श्री स्कूलों का निर्माण तय मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए। उन्होंने अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने और स्कूल को जल्द से जल्द शिफ्ट करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और एसडीओ तथा सब इंजीनियर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

इसके बाद कलेक्टर लोरमी विकासखंड के लालपुर धाम पहुंचे, जहां स्वर्गीय अंजोरदास पाटले स्वामी आत्मानंद विद्यालय के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया गया। यहां भी उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर ने साफ कहा कि शिक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्कूल भवनों के निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने इंजीनियरों और ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्माण में गुणवत्ता से समझौता पाया गया तो संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद स्कूल लोरमी का भी दौरा किया। यहां निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के ईई, एसडीओ और सब इंजीनियर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग में लापरवाही पाए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एल. पी. डाहिरे और जिला मिशन समन्वयक (डीएमसी) अशोक सोनी को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि आने वाले समय में इन नए स्कूल भवनों का उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा किया जाना है, इसलिए सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता और भव्यता के साथ तय समय में पूरे किए जाएं।

टीचर बने कलेक्टर, बच्चों को पढ़ाया गणित

शनिवार को निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का एक अलग ही रूप भी देखने को मिला। स्वामी आत्मानंद विद्यालय लोरमी में उन्होंने कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों से बातचीत की और गणित के सवाल पूछे। इतना ही नहीं, वे खुद बोर्ड के सामने खड़े हुए और शिक्षक की तरह सवाल हल कर बच्चों को समझाया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से उनके सपनों के बारे में भी पूछा और उन्हें मोबाइल से दूरी बनाकर मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करने की सलाह दी।