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Maharashtra MLC Election: INDIA गठबंधन के मंसूबों पर फिर गया पानी, विधायकों ने अपनी ही पार्टी के नेताओं दे दिया दगा, जानें कैसे बिगड़ा सियासी गणित

मुंबईः Maharashtra MLC Election महाराष्ट्र में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान खत्म हो गया है। 11 सीटों के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में थे। मतदान खत्म होने के बाद सभी 11 सीटों के नतीजे भी आ गए हैं। महाराष्ट्र में एनडीए के महायुति गठबंधन ने 11 में से 9 सीटों पर जीत दर्ज की है तो वहीं INDIA गठबंधन के तीन प्रत्याशियों में से सिर्फ 2 ही जीत सके हैं। खबर है कि कांग्रेस के 7 से 8 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। यह चुनाव काफी अहम था क्योंकि तीन महीने के अंदर राज्य में विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में क्रॉस वोटिंग की खबर कांग्रेस पार्टी और उनके घटक दलों के लिए किसी झटके से कम नहीं है।

Maharashtra MLC Election विधान परिषद चुनाव के लिए मतदान 12 जुलाई को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक हुआ। मतों की गिनती 12 जुलाई को ही शाम पांच बजे हुई। विधान परिषद चुनाव में जीत के लिए एक कैंडिडेट को 23 विधायकों के वोट चाहिए थे। इनमें भाजपा के 103, शिवसेना (शिंदे गुट) के 38, NCP (अजित गुट) के 42, कांग्रेस के 37, शिवसेना (यूबीटी) के 15 और NCP (शरद पवार) के 10 विधायक हैं।

ये आवश्यक संख्या कैसे तय होती है?

यहां मौजूदा विधायकों की कुल संख्या 274 है। वहीं, कुल 11 एमएलसी सीटों के लिए चुनाव हुआ है। हर एक सदस्य को उच्च सदन पहुंचने के लिए कितने विधायकों का समर्थन प्राप्त होना चाहिए इसके लिए एक तय फॉर्मूला है। यह फॉर्मूला यह है कि कुल विधायकों की संख्या को जितने विधान परिषद सदस्य चुने जाने हैं, उसमें एक जोड़कर विभाजित किया जाता है। अब कुल सदस्य 274 हैं तो उसे 12 से विभाजित करने पर करीब 23 आता है। यानी एमएलसी बनने के लिए उम्मीदवार को 23 प्राथमिक वोटों की जरूरत थी। अगर विजेता का फैसला प्रथम वरीयता के वोटों से नहीं होता तो उसके बाद दूसरी वरीयता के वोट गिने जाते हैं।

क्रॉस वोटिंग कैसे हुई है?

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में एनडीए ने अपनी सभी नौ सीटें जीत ली हैं। महाविकास अघाड़ी (एमवीए) की तरफ से कांग्रेस की प्रज्ञा सातव और शिवसेना उद्धव गुट के मिलिंद नार्वेकर भी जीत गए हैं। पीडब्ल्यूपीआई के जयंत पाटिल हार गए हैं। कहा जा रहा है कि एमवीए के कुल वोटों में से पांच वोट बंट गए। महाविकास अघाड़ी के पास कुल 64 वोट थे। इनमें प्रज्ञा सातव को 25, मिलिंद नार्वेकर को 22 और जयंत पाटिल को 12 वोट मिले। जयंत पाटिल ने कहा कि मुझे मेरे 12 वोट मिले हैं और कांग्रेस के कुछ वोट बंट गए हैं। विधान परिषद चुनाव में एनडीए में सहयोगी एनसीपी (अजित पवार) गुट के दोनों उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। इस जीत के बाद अजित पवार ने विधायकों को धन्यवाद दिया। एनसीपी नेता ने कहा, ‘हमारे वोट 42 थे, लेकिन हमें 47 वोट मिले हैं। मैं उन लोगों को बधाई देता हूं जिन्होंने हमारे उम्मीदवारों को वोट दिया।’