Advertisement Carousel

नरवा विकास के चलते खारी नाला से हो रही सिंचाई और निस्तारी

अर्दन डेम भौता में 100 एकड़ रकबे में सिंचाई की सुविधा निर्मित

रायपुर। राज्य सरकार द्वारा संचालित सुराजी गांव योजना के तहत नरवा विकास कार्यक्रम अंतर्गत मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के खारी नाला में लगभग 01 करोड़ रूपए की लागत राशि से अर्दन डेम का निर्माण किया गया है।

Also read:नरवा विकास से ”खारी नाला” अब मीठा साबित हो रहा किसानों के लिए

इसके निर्माण से वन क्षेत्रों में जल के स्तर में वृद्धि के साथ-साथ 100 एकड़ रकबा में सिंचाई की सुविधा निर्मित हुई है। साथ ही वनांचल के लोगों के लिए अब पेयजल, सिंचाई तथा निस्तारी के लिए अच्छी सुविधा उपलब्ध हो गई है।

गौरतलब है कि वनमंडल मनेन्द्रगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत भौता के खारी नाला में 210 मीटर चौड़ाई एवं 10 मीटर ऊंचाई के अर्दन डेम निर्मित की गई है, जिसकी कुल लागत 01 करोड़ रूपए है। इसका कैचमेंट एरिया 55.00 हेक्टेयर है। उक्त अर्दन डेम के निर्माण से निकटतम ग्रामों के लगभग 40 परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होने लगे हैं।  Irrigation and discharge from Khari Nala due to development of Narva

जिसमें से 5 सीमांत एवं 35 लघु किसानों के कुल 100 एकड़ रकबा सिंचित होगा एवं जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से ग्रामों के आसपास क्षेत्रों एवं वन क्षेत्रों में जल के स्तर में वृद्धि होगी।

Also read:नरवा विकास से संवर गया खोखनिया नाला बांध, जलस्तर बढ़ने के साथ पर्यटकों के लिए बना आकर्षण का केंद्र

इसके फलस्वरूप वनों के पुनरूत्पादन एवं घनत्व में सघन वृद्धि के साथ-साथ वन्यप्राणियों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। अन्य परिवारों द्वारा निस्तार के साथ-साथ मछली पालन से संबंधित आजीविका कार्य किया जा सकेगा। निर्मित अर्दन डेम से लगा गौठान बना हुआ है जो पशुधन हेतु लाभप्रद होगा।

गौरतलब है कि वनमंत्री मोहम्मद अकबर के कुशल मार्गदर्शन में वनांचल स्थित नालों में कैम्पा मद के तहत भू-जल संवर्धन संबंधी संरचनाओं का निर्माण तेजी से जारी है।

Also read:नरवा विकास कार्यक्रम से बारहमासी बना धनुवा नाला

इस तारतम्य में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख संजय शुक्ला ने बताया कि मनेन्द्रगढ़ वनमंडल स्थित 15 किमी लम्बाई के खारी नाला में कैम्पा मद से वर्तमान में 435 भू-जल संवर्धन संबंधी संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर है। इनमें से अब तक 385 भू-जल संवर्धन संबंधी संरचनाओं का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इनके निर्माण के लिए कैम्पा की वार्षिक कार्ययोजना 2021-22 के तहत 4 करोड़ 10 लाख रूपए की राशि स्वीकृत है।