जांजगीर। शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के तनौद निवासी कौशल श्रीवास (21) के पिता तिलक राम का मार्केट में 40 लाख रुपए का कर्ज था। उसने बीमा भी कराया था। बीमा क्लेम पाने के लिए कौशल श्रीवास ने नदी में कूदने की झूठी कहानी गढ़ डाली।
लेकिन वह दिल्ली जैसे बड़े शहरों में घूमता रहा। 4 दिन बाद फिर वह अपने गांव आने की फिराक में था और उसलापुर स्टेशन पर किसी से मोबाइल मांगकर अपनी मां को फोन किया। साइबर सेल पुलिस ने मां के मोबाइल को ट्रेस किया तब वह पकड़ा गया।
दरअसल, कौशल ने अपनी बाइक, जूते, कपड़े, मोबाइल व अन्य सामान को शिवनाथ नदी के पुल ऊपर छोड़कर नदी में बहने की कहानी गढ़ी थी। पुलिस व एसडीआरएफ की टीम चार दिन तक उसे ढूंढते रही। मोबाइल के आधार पर पुलिस ने उसे बिलासपुर में गिरफ्तार कर लिया है। सब उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।
लाखों रुपए के कर्ज में डूबा था
कौशल श्रीवास से पता चला कि उसके पिता का लाखों रुपए का कर्ज है। जिसे चुकाने में अक्षम होने से गुम इंसान परेशान रहता था। गुम इंसान का 40 लाख रुपए का बीमा था। घर की परेशानी सेे छुटकारा पाने के लिए गुम इंसान कौशल श्रीवास द्वारा योजना बनाकर अपने आप को मृत घोषित कर अपने बीमा राशि प्राप्त करने के लिए उपरोक्त घटना कारित करना स्वीकार किया।









