लोरमी। मुंगेली जिले में वन विभाग के बीट गार्डों पर गंभीर आरोप लगे हैं। लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम झिरिया के बैगा आदिवासी परिवारों ने गार्डों पर नशे की हालत में मारपीट करने और अवैध वसूली की कोशिश करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने थाना प्रभारी, एसडीओपी और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम झिरिया में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बैगा आदिवासियों के लिए 117 मकान स्वीकृत हुए हैं। इन मकानों के निर्माण के लिए ग्रामीण रेत ला रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने क्षेत्र के बीट प्रभारी राजकुमार नेताम से पूछकर ही रेत का परिवहन शुरू किया था।
आरोप है कि जब एक ट्रैक्टर रेत लेकर जा रहा था, तभी अन्य क्षेत्र के बीट गार्डों ने उसे रोक लिया। ग्रामीणों ने जब उन्हें बताया कि वे अनुमति लेकर आए हैं, तब बीट गार्डों ने कथित तौर पर एक अन्य भरी हुई ट्रैक्टर ट्रॉली को वहां लाकर खड़ा कर दिया और मामले को दबाने के लिए पैसों की मांग शुरू कर दी।
विवाद बढ़ने पर गांव की महिलाएं भी वहां पहुंच गईं। इस दौरान बीट गार्डों ने महिलाओं के साथ अमर्यादित व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट की। पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि गार्डों ने ग्रामीणों से 2 लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर धमकी दी। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर मौजूद सभी बीट गार्ड शराब के नशे में धुत थे। जब गांव की भीड़ बढ़ने लगी, तो गार्ड डरकर भागने लगे। नशे की हालत में होने के कारण भागते समय उन्हें गिरने से चोटें भी आईं। मामला संवेदनशील होने की वजह से इस मामले में राजनीति भी तेज हो गई है।







