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गांधी उद्यान-तेलीबांधा फ्लाईओवर का काम ठंडे बस्ते में, औचित्य को लेकर उठ रहे थे सवाल, अफसरों के साथ जनप्रतिनिधि भी थे विरोध में…

रायपुर। गांधी उद्यान से तेलीबांधा तक नया फ्लाईओवर बनाने की योजना ठंडे बस्ते में चली गई है. इस संबंध में कुछ हफ्ते पहले ही मंत्रालय में बैठक हुई थी, जिसमें जनप्रतिनिधियों ने इस पर कड़ा विरोध जताया था. इसके बाद ही इस प्रोजेक्ट को निरस्त करने का फैसला लिया गया.

दरअसल, इस फ्लाईओवर के विरोध में विभाग के अफसरों के साथ ही जनप्रतिनिधि भी थे. उनका शुरू से यही कहना था कि गांधी उद्यान वाली सड़क पहले से ही चौड़ी है. यहां सुबह से रात तक जाम भी नहीं लगता है. ऐसे में यह फ्लाईओवर बनाने का कोई औचित्य नहीं है. शहर के कुछ विधायकों ने यह बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी है. बताया जा रहा है कि सीएम भी इस योजना से खुश नहीं हैं. यही वजह है कि अब यह फ्लाईओवर नहीं बनेगा. इस योजना पर 173 करोड़ खर्च होने थे.

सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में मंत्रालय में हुए बैठक में फाइल पर केवल हस्ताक्षर होना बाकी था. लोक निर्माण विभाग ने इस महत्वाकांक्षी फ्लाईओवर के लिए तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली थी. विभाग ने ड्राइंग- डिजाइन भी तैयार कर लिया था. इस इलाके के मिट्टी की भी जांच कर ली गई थी. ड्राइंग-डिजाइन को मंजूरी की मंजूरी भी मिल गई थी. इतना ही नहीं पीडब्ल्यूडी ने इसका टेंडर भी निकाल दिया था.

173 करोड़ के फंड का था प्रावधान

जानकारी के अनुसार, वित्तीय साल 2025-26 के बजट में इस फ्लाईओवर के निर्माण के लिए 173 करोड़ के फंड का प्रावधान किया गया था. इसकी लंबाई डेढ़ किमी और चौड़ाई 16.61 मीटर होची. यह फोर लेन फ्लाईओवर होता . इससे दोनों तरफ ट्रैफिक आसानी से स्मूथ चलता रहता. शंकरनगर चौक, केनाल रोड क्रॉसिंग चौक से होते हुए तेलीबांधा तालाब के आखिर में नेताजी सुभाषचंद्र बोस चौक के पास इस फ्लाईओवर को उतारा जाता. नए फ्लाईओवर से तेलीबांधा चौक से पहले बांई ओर से अटल एक्सप्रेस-वे से सीधे एयरपोर्ट तक आवाजाही आसान होती.

दो साल पहले बजट में मिली थी मंजूरी

शासन ने इस प्रोजेक्ट को करीब दो साल पहले बजट में मंजूरी दी थी. इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने स्वाइल टेस्टिंग कराकर फाइल मुख्यालय भेजी और कई बार पत्राचार के बाद ड्राइंग डिजाइन तैयार किया गया. अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है. लेकिन मंत्रालय में हुई बैठक के बाद स्थिति बदलती जा रही है.

15 ठेका एजेंसियों ने लिया था भाग

पीडब्ल्यूडी ने बंद की तकनीकी जांच पीडब्ल्यूडी के अनुसार इस फ्लाइओवर की टेंडर प्रक्रिया में 15 ठेका एजेंसियों ने भाग लिया था. इन कंपनियों के ड्राइंग डिजाइन की जांच हो चुकी है. अभी दस्तावेजों की जांच होनी है. जैसे कंपनी का टर्न ओवर कितना है. कंपनी ने इतना बड़ा प्रोजेक्ट किया है या नहीं, यदि किया है तो कहां किया है. पीडब्ल्यूडी को इसकी जांच कर टेंडर फाइनल करना था. लेकिन प्रोजेक्ट के रद्द होने की खबर हवा की तरफ विभाग में फैल गई है. इसलिए अफसरों ने तकनीकी जांच शुरू ही नहीं की.