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नागपुर दौरे से लौटे गृहमंत्री विजय शर्मा, धवईपानी-सिमगा मार्ग को 4-लेन की स्वीकृति के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी का जताया आभार

रायपुर. गृहमंत्री विजय शर्मा रविवार को नागपुर दौरे से वापस लौटे. नागपुर में उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की. गृहमंत्री शर्मा ने बताया कि कवर्धा-जबलपुर और कवर्धा-रायपुर के बीच बाईपास और धवईपानी से सिमगा एनएच-30 के सेक्शन को भी 4 लेन बनाने की मांग पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्वीकृति दे दी है. उन्होंने केंद्रीय मंत्री गडकरी का धन्यवाद ज्ञापित किया.

BBM के 15 नक्सलियों का आत्मसमर्पण

गृहमंत्री विजय शर्मा ने बीबीएम डिविजन के नक्सलियों के आत्मसमर्पण को लेकर बयान दिया. उन्होंने कहा कि बालांगीर, बरगढ़, महासमुंद के तीन क्षेत्रों का एक डिवीजन था. वेस्ट सब्जोनल के सेक्रेटरी का पुनर्वास हुआ है. 14 लोगों का पुनर्वास हुआ है, जो बस्तर के है. 3 AK47, 2 SLR, 6 पुरुष और 9 महिलाओं के साथ पुनर्वास हुआ है.

गृहमंत्री ने बताया कब नक्सलवाद को खत्म माना जाएगा ?

नक्सलवाद खात्मे को केवल एक माह से कम का समय शेष है. गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्लवाद को खत्म कब माना जाएगा, इसे लेकर स्पष्ट करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के परिदृश्य में कुछ खास नहीं रह गया है. बस्तर के लोग अपनी बात कह रहे है, खुलकर हंस रहे है. नक्सवाद को लेकर बचा थोड़ा काम जल्द पूरा कर किया जाएगा. देश के परिदृश्य में भी नक्सलवाद खत्म है रहा है. नक्सलवाद में एक आर्म्ड कैडर होता है, जब वह खत्म होगा तब नक्सलवाद खत्म हो जाएगा.

कांग्रेस के ’दे दे बुलावा मुसवा’ फाग गीत पर सियासत

प्रदेश में कांग्रेस के ’दे दे बुलावा मुसवा’ फाग गीत पर सियासत जारी है. कांग्रेस के वीडियो पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि गांव में बचपन से गाते आ रहे हैं ’दे दे बुलावा राधे को’. मां राधे की तरफ से यह संदेश हुआ करता था. कांग्रेस अगर इसकी पैरोडी बना रही हैं तो वह नहीं जानते.

पूर्व नक्सलियों को विधानसभा का भ्रमण पर सियासत

विधानसभा के बजट सत्र में पूर्व नक्सलियों ने परिसर का भ्रमण किया. मामले में मोहन मरकाम के बयान पर गृहमंत्री विजय शर्मा पर पलटवार करते हुए कहा कि 5 साल कांग्रेस ने नक्सलवाद को खत्म करने के लिए क्या किया, चुप रहकर समर्थन करते रहे. परिस्थितियां आज ठीक हो रही है. बता दें कि मोहन मरकाम ने कहा था कि लोकतंत्र की हत्या करने वालों को विधानसभा में बुलाकर महिमामंडित करना दुर्भाग्यपूर्ण है. समर्पण तक तो ठीक है, लेकिन उन्हें विधानसभा में लाकर क्या दिखाना चाहते हैं.