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शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला : 218 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का खुलासा, पूर्व BEO ने आरोपों को बताया निराधार, DEO ने कहा- अधिकारी के स्पष्टीकरण के बाद की जाएगी कार्रवाई

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते तीन सालों में कोषालय से निकाले गए करीब 218 करोड़ रुपये के लेन-देन को लेकर ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 से 2025 के बीच कैश बुक, वाउचर और बिल रजिस्टर गायब पाए गए हैं, जिसके बाद तत्कालीन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) संजय जायसवाल पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं।

इस पूरे मामले में अब पूर्व बीईओ संजय जायसवाल का पक्ष भी सामने आया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में शिक्षकों का वेतन नियमित रूप से भुगतान किया गया और सभी बिल, वाउचर, कैश बुक सहित वित्तीय दस्तावेज 11 दिसंबर 2025 को वर्तमान ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सौंप दिए गए थे, जिसकी रसीद उनके पास मौजूद हैं।

पूर्व बीईओ ने बताया कि उनका कार्यकाल अक्टूबर 2022 से सितंबर 2025 तक रहा। इस दौरान कक्ष प्रभारी योगेंद्र कश्यप को मौखिक और लिखित दोनों रूपों में आवश्यक निर्देश दिए गए, लेकिन बार-बार कहने के बावजूद उन्होंने दस्तावेजों का संधारण ठीक से नहीं किया। इसी लापरवाही के कारण कई वित्तीय अभिलेख अधूरे रह गए। कक्ष प्रभारी को नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया।

संजय जायसवाल का दावा है कि उनके कार्यकाल में किसी भी प्रकार का गबन नहीं हुआ है और उनके पास हर लेन-देन से जुड़े साक्ष्य मौजूद हैं। स्थानांतरण के समय उन्होंने पूरे मामले की जानकारी तत्कालीन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को भी दे दी थी।

वहीं मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एफ.आर. वर्मा ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऑडिट में कुछ कमियां सामने आई हैं, जिनके संबंध में तत्कालीन अधिकारी से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।