बीजापुर। बस्तर में लगातार हो रही मुठभेड़ से घबराकर अब बड़े नक्सली कमांडर भी बस्तर छोडक़र तेलंगाना पहुंच रहे हैं और वहां सरेंडर कर रहे हैं। ताजा मामला 1980 से बस्तर में सक्रिय रहे दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य और कुख्यात नक्सली संजीव उर्फ लैंगू दादा के सरेंडर का है।
लैंगू ने अपनी पत्नी पार्वती उर्फ दीना के साथ तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों पर कुल मिलाकर 50 लाख रुपए का इनाम घोषित था। लैंगू और दीना के समर्पण से नक्सली संगठन में अफरा-तफरी का माहौल है। बताया जा रहा है कि अन्य बड़े कमांडर भी आत्मसमर्पण के मूड में हैं, जिससे संगठन की कमर टूटती नजर आ रही है।











