रायपुर। जिला रायपुर (ग्रामीण) में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में रायपुर (ग्रामीण) जिले की पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
बता दें कि बैठक के दौरान रायपुर के शहरी इलाकों में कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने और रायपुर ग्रामीण के पुनर्गठन के पश्चात उपलब्ध पुलिस बल एवं भौतिक संसाधनों की विस्तृत समीक्षा की गई। आगामी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस महानिरीक्षक ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने राजपत्रित अधिकारियों को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने, कार्यक्षमता में वृद्धि लाने तथा गुणवत्तापूर्ण पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक घटना की गंभीरता से समीक्षा कर अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उचित और समयबद्ध निर्देश देने पर जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि थानों के कार्यों का केवल औपचारिक पर्यवेक्षण न करते हुए कार्य की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार लाया जाए।
बैठक में हाल के दिनों में हुई चाकूबाजी की घटनाओं की भी समीक्षा की गई। पुलिस महानिरीक्षक ने मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब के कारोबार एवं बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अवैध हथियार रखने वालों, चाकूबाजी करने वालों, अड्डेबाजी में लिप्त तत्वों, गुंडा-बदमाशों तथा जुआ-सट्टा जैसे अपराधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित अपराधों और चालानों, लंबित शिकायतों तथा साइबर अपराधों की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश भी दिए गए। औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर पुलिस प्रबंधन और अपराध नियंत्रण को लेकर विशेष रणनीति अपनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।











