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RI Exam Paper Leak Case : आरआई भर्ती परीक्षा से पहले ही मिल गए थे अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र… EOW ने दो आरोपियों के खिलाफ पेश किया 3000 पेज का चालान

RI Exam Paper Leak Case : रायपुर। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने आज अदालत में विवेचना पूर्ण करने के पश्चात तीन हजार पेज का चालान पेश किया है। वर्ष 2024 में हुई आरआई भर्ती परीक्षा में धांधली को लेकर दो आरोपियों की गिरफ्तारी उपरांत अदालत में चालान प्रस्तुत किया गया। चालान में बताया गया है कि सात जनवरी 2024 को आयोजित परीक्षा के पूर्व ही न केवल अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र उपलब्ध करवाए गए थे। बल्कि अभ्यर्थियों को होटल में प्रश्न पत्र हल करने की प्रैक्टिस भी करवाई गई थी।

राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो में राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा 2024 के पेपर लीक प्रकरण में दर्ज अपराध क्रमांक 64/2025, धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी भा.द.वि. एवं धारा 7 (सी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथासंशोधित 2018) के अंतर्गत आरोपी विरेन्द्र जाटव (सहायक सांख्यिकी अधिकारी) एवं हेमंत कुमार कौशिक (सहायक सांख्यिकी अधिकारी) के विरुद्ध माननीय न्यायालय में आज 17 फरवरी 2026 को 3000 पृष्ठों का प्रथम चालान प्रस्तुत किया गया।

विवेचना में पाया गया कि राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा सात जनवरी 2024 को आयोजित होना था, आरोपी विरेन्द्र जाटव ने वरिष्ठ अधिकारी के आवास पर प्रश्नपत्र टाइप किया। किन्तु परीक्षा आयोजन के पूर्व ही आरोपियों द्वारा प्रश्नपत्र लीक कर चुनिंदा उम्मीदवारों इसकी प्रतियां रकम के बदले अनधिकृत रूप से उपलब्ध कराई गई।

विवेचना में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि है कि 100 से अधिक अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र प्राप्त हुआ। विवेचना के दौरान प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध डिजिटल साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं, जिनसे यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों द्वारा विभिन्न माध्यमों से पटवारी अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया तथा उसके बदले राशि प्राप्त की गई।

विवेचना में यह भी पाया गया कि अलग-अलग जिलों के कुछ अभ्यर्थी समूह के रूप में परीक्षा देने आए थे, जिन्हें आरोपियों द्वारा अलग-अलग होटलों में ठहरने के लिए कहा गया। संबंधित होटलों में पहुंचकर उक्त अभ्यर्थियों को प्रश्न उपलब्ध कराए गए। आरोपियों द्वारा अभ्यर्थियों को प्रश्न पढ़कर नोट कराए गए तथा परीक्षा से पूर्व लिखे हुए प्रश्नों को जलाने के लिए कहा गया, ताकि साक्ष्य नष्ट हो सके। इस कार्य के लिए आरोपियों द्वारा अपने रिश्तेदारों का भी उपयोग किया गया, जो अलग-अलग होटलों में जाकर अभ्यर्थियों को परीक्षा में आने वाले प्रश्न नोट कराने की प्रक्रिया में आरोपियों के साथ शामिल रहे।

सीडीआर विश्लेषण में यह भी पाया गया कि परीक्षा से ठीक पूर्व रात्रि को कई अभ्यर्थियों की लोकेशन आरोपियों की लोकेशन के साथ समान पाई गई। इसके साथ ही आरोपियों द्वारा परीक्षा की पूर्व रात्रि में रात्रि भर अलग-अलग स्थानों, होटलों, फार्म हाउस एवं रिजॉट्स पर आवागमन कर उन स्थानों पर प्रश्न सामग्री उपलब्ध कराए जाने की पुष्टि भी उनके सीडीआर से प्राप्त टावर लोकेशन से होती है, जहां अभ्यर्थी ठहरे हुए थे।

इसके अतिरिक्त, विवेचना में यह तथ्य भी सामने आया है कि जो अभ्यर्थी एक साथ होटलों में ठहरे थे, उनके परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय समानता पाई गई। संबंधित अभ्यर्थियों के अंकों में समानता के साथ-साथ उनकी उत्तर-पुस्तिकाओं के परीक्षण में सही एवं गलत उत्तरों के पैटर्न में भी समानता पाई गई।

प्रकरण में वित्तीय लेनदेन (मनी ट्रेल) सहित अन्य संभावित संलिप्त अधिकारियों, राजस्व निरीक्षकों एवं व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है। दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(8) के तहत् विवेचना जारी है।

मुख्य बिंदु :-

अपराध क्रमांक 64/2025 में आरोपी विरेन्द्र जाटव एवं हेमंत कुमार कौशिक के विरुद्ध 3000 पृष्ठों का प्रथम चालान आज 17 फरवरी को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत।
परीक्षा सात जनवरी 2024 से पूर्व प्रश्नपत्र लीक कर चुनिंदा अभ्यर्थियों को रकम के बदले अनधिकृत प्रतियां उपलब्ध कराई गईं।
100 से अधिक अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र प्राप्त होने की पुष्टि हुई है।
प्रकरण में डिजिटल साक्ष्य प्राप्त विभिन्न माध्यमों से पटवारी अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने तथा राशि प्राप्त करने की पुष्टि हुई है।
अलग-अलग जिलों के अभ्यर्थियों को रायपुर में विभिन्न होटलों, फार्म हाउस एवं रिजॉट्स में ठहरवाकर वहां प्रश्न उपलब्ध कराए गए, जहां प्रश्न पढ़कर नोट कराने के उपरांत परीक्षा से पूर्व लिखे प्रश्न जलाने के लिए कहा गया।
इस कार्य के लिए आरोपियों द्वारा अपने रिश्तेदारों का भी उपयोग किया गया, जो अलग-अलग होटलों, फार्म हाउस एवं रिजॉट्स में जाकर अभ्यर्थियों को प्रश्न नोट कराने की प्रक्रिया में शामिल रहे।
साथ में ठहरे अभ्यर्थियों के अंकों एवं उत्तर-पैटर्न में समानता पाई गई, जिससे एक समान उत्तर-कुंजी के आधार पर तैयारी के संकेत मिले।
सीडीआर विश्लेषण में परीक्षा से पूर्व रात्रि 6 जनवरी को अभ्यर्थियों एवं आरोपियों की एक ही एवं समान लोकेशन में उपस्थिति का मिलान भी पाया गया, जिससे परीक्षा की पूर्व रात्रि में विभिन्न स्थानों पर जाकर प्रश्न सामग्री उपलब्ध कराए जाने की पुष्टि होती है।
बता दें कि 7 जनवरी 2024 को पटवारी से आरआई बनने के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। 90 पदों के लिए 2600 से अधिक पटवारी शामिल हुए थे। 29 फरवरी 2024 को परीक्षा का परिणाम जारी किया गया था। इसमें 216 पटवारियों का चयन प्रशिक्षण के लिए हुआ था।