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Mission 2023: क्या मिशन 2023 में नहीं उतरेगी जोगी कांग्रेस, जोगी कांग्रेस सुप्रीमो अमित जोगी ने किया इशारा

Mission 2023: छत्तीसगढ़ की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राज्य में राजनीतिक उठापटक जारी हो गया है।इसी उठापटक के बीच जोगी कांग्रेस के सुप्रीमो और पूर्व में मुख्यमंत्री रहे दिवंगत अजीत जोगी के पुत्र और जोगी जनता कांग्रेस के सुप्रीमो अमित जोगी ने आज ट्वीट कर कहा कि मेरे लिए मेरी मां का स्वास्थ्य छत्तीसगढ़ की सत्ता से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है। मैं अपनी मां के साथ साए की तरह रहूंगा।वही उनके इस ट्वीट के बाद से ही राज्य में जोगी जनता कांग्रेस अपने प्रत्याशी मिशन 2023 में नहीं उतारेगी ऐसा कयास राजनीतिक पंडितों द्वारा लगाए जा रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा असर मिशन 2023 में देखने को मिलेगा क्योंकि राज्य में मुख्यतः दो ही पार्टियां बचेगीं बीजेपी और कांग्रेस हालांकि राज्य में आम आदमी पार्टी का आगमन हो चुका है किंतु वह चुनाव में आम आदमी पार्टी कितना प्रभाव जनता के बीच में डाल पाती है, यह देखने वाली बात होगी।

Mission 2023: आपको बता दें कि अमित जोगी के इस ट्वीट को छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़े उलटफेर के रूप में देखा जा रहा है। जोगी परिवार के चुनावी मैदान में दूर रहने के फैसले ने सबको चौका दिया है। 2018 के विधानसभा चुनाव में जकांछ ने तीसरे मोर्चे के रूप में छत्तीसगढ़ में बड़ी भूमिका निभाई थी। वहीं इस बार आने वाले विधानसभा चुनाव में जोगी कांग्रेस की भूमिका को लेकर विश्लेषक अनुमान लगा रहे हैं कि आने वाले समय में कांग्रेस का सीधा मुकाबला बीजेपी से होगा वहीं तीसरे मोर्चे के रूप में आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ में तेजी से अपना संगठन मजबूत करती दिखाई दे रही है।Mission 2023: आम आदमी पार्टी के आने के बाद भी हालांकि छत्तीसगढ़ में अब त​क तीसरा मोर्चा राजनीतिक विकल्प बन नहीं पाया है। पिछले विधानसभा चुनाव में जोगी कांग्रेस ने बीएसपी के गठबंधन में चुनाव में उतरा था। चुनावी नतीजों में जोगी कांग्रेस और बीएसपी के गठबंधन के पांच उम्मीदवार जीत कर विधानसभा में पहुंचे थे। जिनमें से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और कवर्धा विधायक देवव्रत सिंह थे जिनका बीते साल निधन हो चुका है। अब देखना यह है कि आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ में बीजेपी और कांग्रेस को कितनी टक्कर दे पाती है जहां कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में बैठी है, तो वहीं भाजपा ने 10 साल तक छत्तीसगढ़ में अपनी सरकार चलाई है अब देखना यह है छत्तीसगढ़ का वोटर एक नई पार्टी पर कितना भरोसा करता है।