यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी को खुशी-खुशी पुश-अप चैलेंज को स्वीकार करते हुए लेते देखा गया है। 2021 में भी उनका एक वीडियो वायरल हुआ था। उस समय वह तमिलनाडु के छात्रों को संबोधित कर रहे थे।
बेंगलुरु। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा इन दिनों कर्नाटक से गुजर रही है। इस दौरान बीच सड़क पर राहुल कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख डीके शिवकुमार और पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ एक पुश-अप चैलेंज को स्वीकार करते नजर आए।
इस दौरान एक स्थानीय बच्चा भी कर्नाटक की सड़कों पर इस चुनौती में शामिल हुआ। कांग्रेस ने अपने अधिकृत टि्वटर हैंडल से यह वीडियो ट्वीट किया है। वहीं इस वीडियो को बहुत से लोगों ने टि्वट कर इसे और भी वायरल कर दिया है।
वीडियो में राहुल गांधी को सड़कों पर चलते हुए देखा जा सकता है। इसी दौरान एक बच्चा भी इस यात्रा से जुड़ता है। उसने राहुल गांधी के पुश-अप चैलेंज दिया। इस चुनौती में डीके शिवकुमार और केसी वेणुगोपाल भी शामिल हुए। पार्टी द्वारा साझा किए गए वीडियो में डीके शिवकुमार सबसे पहले हार मानने वाले कांग्रेसी थे।
वहीं थोड़ी देर बाद केसी वेणुगोपाल ने भी हार मान ली। हालांकि, सिर्फ राहुल गांधी के पुश-अप का तरीका ही सही था। रणदीप सिंह सुरजेवाला ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “एक फुल और दो हाफ पुश-अप!” चैलेंज के अंत में राहुल गांधी ने लड़के से हाथ मिलाया।
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी को खुशी-खुशी पुश-अप चैलेंज को स्वीकार करते हुए लेते देखा गया है। 2021 में भी उनका एक वीडियो वायरल हुआ था। उस समय वह तमिलनाडु के एक कॉलेज में छात्रों को संबोधित कर रहे थे। यहां एक छात्र ने चुनौती दी है।
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कर्नाटक में कांग्रेस ने कई यादगार पल बिताए हैं। कुछ ही दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार राहुल गांधी के साथ दौड़ते दिखे। वहीं, राहुल गांधी अपनी मां सोनिया गांधी के जूतों की फीते बांधते दिखे। साथ ही वह भारी बारिश में भीगते हुए एक रैली को संबोधित करते हुए भी देख। उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं।
अंगदान करने वाले लोगों के परिजनों के साथ आगे बढ़े राहुल
‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर निकले कांग्रेस नेता राहुल गांधी अंगदान की अहमियत पर जोर देने के लिए अंगदान करने वाले लोगों के परिवार के सदस्यों के साथ बुधवार 12 अक्टूबर को पैदल चले। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के साथ चलने वाले करीब 33 ‘यात्रियों’ ने अपनी आंखें दान करने का संकल्प लिया है।
एक विज्ञप्ति के मुताबिक, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित दिवंगत अभिनेता संचारी विजय के परिवार के सदस्यों ने राहुल गांधी के साथ मार्च किया। संचारी की मौत एक मोटरसाइकिल दुर्घटना में हो गई थी।
उनके अलावा, चिक्कमंगलुरु जिले की छात्रा रक्षिता और वेदा मंजूनाथ के परिवार के सदस्यों ने भी कांग्रेस नेता के साथ मार्च किया। रक्षिता की एक बस से गिरने के बाद सिर में चोट लगने से मृत्यु हो गयी थी जबकि मंजूनाथ हुबली धारवाड़ बाईपास पर एक दुर्घटना का शिकार हो गये थे।
बाद में फेसबुक पर किए गए एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें इन अंग दाताओं के बहादुर परिजनों के साथ चलने का सौभाग्य मिला और वे सहानुभूति और मानवता के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा, “ उनके जाने की यह कोई उम्र नहीं थी। रक्षिता, वेदा और विजय बहुत जल्दी चले गए। मौत के बाद भी, उन्होंने जीवन बचाने के लिए अपने अंग दान करके दूसरों को खुशी का उपहार दिया है।
यह प्रेम और बलिदान का सुंदर भाव है। यह देखभाल और करुणा की मानवीय भावना है जिसे हमें विकसित करना चाहिए और संजोना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “यह (जीवन) इतना मूल्यवान है कि इसे कुछ लोगों के घृणापूर्ण और लालची षडयंत्रों में (नहीं) गंवाया जाए।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि कन्नड़ के दिवंगत अभिनेता राजकुमार और उनके अदाकार बेटे दिवंगत पुनीत राजकुमार ने भी अपनी आंखें दान देकर निस्वार्थ कार्य किया जिससे लाखों कन्नड़ भाषियों और अन्य को प्रेरणा मिली तथा अंग दान की अहमियत के प्रति लोगों में जागरुकता फैली।
उन्होंने कहा, “ मुझे आपको यह बताते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि 33 भारत यात्रियों ने कर्नाटक की खूबसूरत जमीन से अपनी आंखें दान देने का संकल्प लिया है।”राहुल गांधी ने कहा, “सद्भाव, भाईचारे और मानवता की भावना में असीम प्रेम और आनंद है।”
यात्रा अपने 35वें दिन छल्लाकेरे से शुरू हुई और दिन में ऐतिहासिक चित्रदुर्ग जिले से गुज़री।















