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छत्तीसगढ़ से डोमार, अजय और उषा को पद्मश्री, केंद्र सरकार ने की घोषणा

इस साल ओआरएस के खोजकर्ता महलानाबिस व तबला वादक

जाकिर हुसैन सहित 6 पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 91 पद्मश्री

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कार विजेताओं के नामों का ऐलान कर दिया गया है। ORS के खोजकर्ता डॉ. दिलीप महलानाबिस, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को मरणोपरांत देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण दिया गया है।

इनके अलावा तबला वादक जाकिर हुसैन, आर्किटेक्ट बालकृष्ण दोषी और भारतीय मूल के अमेरिकी मेथेमेटिशियन श्रीनिवास वर्धन को भी पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। कुमार मंगलम बिड़ला और सुधा मूर्ति समेत 9 हस्तियों को पद्म भूषण से नवाजा गया है। इनके अलावा 91 को पद्मश्री सम्मान दिया गया है।

छत्तीसगढ़ से इस बार पद्म सम्मान प्राप्त करने वाली तीनों हस्तियां कला के क्षेत्र से जुड़ी हुई है। दुर्ग जिला भिलाई की उषा बारले पंडवानी कलाकार हैं। कांकेर के अजय मंडावी काष्ठ शिल्पकार हैं। वहीं लाटाबोड़ बालोद के डोमार सिंह कुंवर नाचा के सिद्ध कलाकार हैं।

पद्म सम्मान की पूरी सूची देखें यहां

पद्मश्री सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ से चयनित

तीनों विभूतियों को  बधाई दी मुख्यमंत्री बघेल ने

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित छत्तीसगढ़ की तीन विभूतियों उषा बारले, अजय कुमार मंडावी और डोमर सिंह कंवर को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए इनके चयन पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के कला जगत सहित पूरा प्रदेश गौरवान्वित हुआ है। भारत सरकार द्वारा आज पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ की तीन हस्तियों को पद्मश्री सम्मान से नवाजा जायेगा। इनमें दुर्ग की उषा बारले कोे पंडवानी गायन के क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इन्होंने पंडवानी का प्रशिक्षण प्रख्यात पंडवानी गायिका एवं पद्मविभूषण तीजन बाई से प्राप्त किया है। बारले लंदन एवं न्यूयार्क जैसे शहरों में पंडवानी की प्रस्तुति दी है।

डोमर सिंह कंवर को नाचा कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा। बालोद के डोमान सिंह कंवर ने सामाजिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किया है। उन्होंने कई बाल विवाह की कुप्रथा को रोकवाने में मदद की है।

कला के क्षेत्र में जाने माने नाम डोमर सिंह ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 5000 से ज्यादा प्रस्तुति दी है। वहीं कांकेर के अजय कुमार मंडावी को कलाकृतियों का बेजोड़ नमूना तैयार करने के लिए पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा। लकड़ी पर कला का शानदार नमूना उकेरने वाले मंडावी कांकेर के रहने वाले हैं।