इंदिरा जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे
और कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी समेत दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
नयी दिल्ली। देश की भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 105 वीं जयंती पर देश उन्हें याद कर रहा है। श्रीमती गांधी की समाधि शक्ति स्थल पर जाकर कांग्रेस नेताओं सहित तमाम लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर शनिवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ‘शक्ति स्थल’ पहुंचकर इंदिरा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। खरगे ने ट्वीट किया, “आजीवन संघर्ष, साहस व कुशल नेतृत्व की मिसाल, भारत की “लौह महिला”, श्रीमती इंदिरा गांधी की जयंती पर शत शत नमन। भारत की एकता व अखंडता को संजोए रखने के लिए उन्होंने अपने जीवन का बलिदान दिया। राष्ट्र को समर्पित, उनकी राजनीतिक दृढ़ता को हम भारतवासी हर पल याद करते हैं।”
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की शुरुआत से पहले अपनी दादी इंदिरा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।उन्होंने इंदिरा गांधी को याद करते हुए ट्वीट किया, ‘‘आज़ादी के संग्राम में पली, भारत के महान नेताओं से सीखी पढ़ी, पिता की लाडली थीं वो। देश के लिए दुर्गा, दुश्मनों के लिए काली थीं – निडर, तेजस्विनी, प्रियदर्शिनी।”
पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने इंदिरा गांधी के एक भाषण का अंश साझा करते हुए उनके कथन का उल्लेख किया, “एकजुट होकर काम करना है, एकजुट होकर आगे बढ़ना है, एकजुटता के साथ देश की विजय सुनिश्चित करनी है।”
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा, “देश की एकता और अखंडता बरकरार रखने में इंदिरा गांधी जी का अतुलनीय योगदान रहा है। उन्होंने इस महान उद्देश्य के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया। उनके कार्यकाल में भारत की सेना ने ऐतिहासिक शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को पराजित किया तथा बांग्लादेश का निर्माण हुआ।”
कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान एवं बलिदान को याद किया।
देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर, 1917 को प्रयागराज में हुआ था। वह जनवरी 1966 से मार्च 1977 तक प्रधानमंत्री रहीं। इसके बाद 1980 में वह फिर से प्रधानमंत्री बनीं। 31 अक्टूबर, 1984 को उनके अंगरक्षकों द्वारा उनकी हत्या कर दी गई थी।
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सानिया गांधी ने इंदिरा गांधी की 105वीं जयंती पर शक्ति स्थल जाकर उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित की। पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी पूर्व पीएम को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता भूपिंदर हुड्डा भी शक्ति स्थल पहुंचे और पूर्व पीएम को श्रद्धाजंलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने एक ट्वीट में कहा कि हमारी पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। पीएम मोदी ने ब्रिटिश सेना से लड़ने वाली झांसी की रानी लक्ष्मी बाई को भी उनकी जयंती पर याद किया और कहा कि उनके साहस और देश के लिए उनके महान योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार 19 नवम्बर को यहां अपने निवास कार्यालय में भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री भारतरत्न श्रीमती इंदिरा गांधी और प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई को उनकी जयंती पर उनके तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने श्रीमती गांधी के बहुआयामी व्यक्तित्व और देश के लिए उनके योगदान को याद करते हुए कहा है कि वे आजीवन गरीबों और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए लगी रहीं। देश की एकता और अखण्डता की रक्षा के लिए उन्होंने अपना जीवन तक न्यौछावर कर दिया। देश में सद्भाव बढ़ाने और एकता की भावना को मजबूत करने के लिए श्रीमती गांधी के जन्मदिन को कौमी एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
बघेल ने कहा कि रानी लक्ष्मी बाई का अदम्य साहस और शौर्य आज भी लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। रानी लक्ष्मी बाई ने अपनी मातृभूमि की रक्षा और सम्मान के लिए प्राण तक न्यौछावर कर दिए। रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का साहसपूर्वक विरोध किया और जीवन के अंतिम क्षण तक हार नहीं मानी। धर्मजयगढ़ के विधायक लालजीत सिंह राठिया ने भी दोनों महान विभूतियों को पुष्पांजलि अर्पित की।











