देशव्यापी यात्रा में दिख रहा
राहुल का अलग-अलग अंदाज
बेंगलुरू। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। वे कभी अपनी मां सोनिया गांधी के जूतों के फीते बांधते नजर आते हैं।
तो कभी बच्चों के साथ घुलते मिलते। इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद भी कर रहे हैं। अब राहुल गांधी ने चित्रदुर्ग में एक टंकी पर चढ़कर तिरंगा फहराया।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा इन दिनों कर्नाटक में है। भारत जोड़ो यात्रा के जरिए वे न सिर्फ कांग्रेस की खोई जमीन तलाशने की कोशिश में जुटे हैं, बल्कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी नया जोश भरने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल कभी यात्रा के दौरान नेताओं का हाथ पकड़कर दौड़ते नजर आते हैं, तो कभी युवाओं के साथ पुशअप लगाते हैं। ऐसा ही कुछ चित्रदुर्ग में देखने को मिला। उन्होंने यहां एक टंकी पर चढ़कर तिरंगा लहराया। इस दौरान उनके साथ कर्नाटक कांग्रेस के नेता डी के शिवकुमार भी साथ रहे।
इससे पहले राहुल गांधी ने चित्रदुर्ग के मोलाकलमुरु में जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने कहा कि हम भाजपा और संघ को देश का बंटवारा करने और नफरत फैलाने नहीं देंगे। इस देश को विभाजित करना इस देश के हित के खिलाफ है. इससे देश मजबूत नहीं बल्कि कमजोर होगा।
राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस ने अगर कांग्रेस के लोगों और उनकी भाषा पर हमला किया, तो उन्हें कांग्रेस की पूरी ताकत का सामना करना पड़ेगा।
राहुल गांधी की ये चेतावनी ऐसे वक्त पर आई, जब जेडीएस नेता कुमार स्वामी ने आरोप लगाया था कि सेंट्रल स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की परीक्षा सिर्फ हिंदी और अंग्रेजी भाषा में हुई, इसमें अन्य किसी क्षेत्रीय भाषा को शामिल नहीं किया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि आज बेरोजगार युवा पूछ रहा है कि वे कन्नड़ भाषा में टेस्ट क्यों नहीं दे सकता। राहुल गांधी ने कहा कि एक भाषा इतिहास है, संस्कृति है, यह कल्पना है और किसी को भी लोगों को उनकी भाषा में बोलने से रोकने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस ऐसा प्रचार कर रहे हैं कि कन्नड़ एक सहायक भाषा है। इसका सम्मान नहीं करना है।
लेकिन हमारे लिए कन्नड़ भाषा का प्रमुख महत्व है। राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में 45 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर है।
राहुल गांधी को नापसंद है रोक-टोक
कर्नाटक से दीपक असीम
कल राहुल गांधी से मिलने के लिए बेताब एक शख्स को पुलिस वालों ने धक्का दिया और वह गिर पड़ा। राहुल गांधी ने जब यह देखा तो नाराज हुए और अपने आसपास चलने वाले सुरक्षाबलों और पुलिस वालों को हटा दिया।
साथ ही वह रस्सी भी हटवा दी जिसे तानकर लोगों को राहुल गांधी से दूर रखा जाता है। हालांकि यह सब कुछ देर के लिए रहा। आज सुबह जब यात्रा शुरू हुई तो रस्सी फिर आसपास तान दी गई।
कर्नाटक का प्रशासन न्यूट्रल है। मतलब यात्रा के खिलाफ नहीं है। अंदेशा था कि जब भाजपा शासित राज्यों में यात्रा जाएगी तो प्रशासन भी सौतेला बर्ताव करेगा।
मगर ऐसा कुछ हुआ नहीं। कुछ लोगों ने पोस्टर फाड़ दिए थे बस इतना ही विरोध हुआ।
सो भी सामने आकर नहीं। कर्नाटक में यात्रा ज्यादातर हाईवे पर ही है। केरल में कदम कदम पर गांव थे। जब यात्रा हाईवे पर होती है तो 3 या 4 हजार लोग साथ होते हैं मगर जब कोई गांव से शहर आता है तो संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
कर्नाटक में भी केरल की तरह लोग राहुल की एक झलक के दीवाने हैं। जैसे हमारे यहां गणपति की झांकी देखी जाती है उसी तरह छतों पर चढ़कर और गैलरी उसे लटक कर लोग राहुल को देख रहे हैं।
यात्रा आज कर्नाटक की सीमा से निकलकर आंध्र में प्रवेश कर जाएगी। मगर जल्दी वापस कर्नाटक में चली जाएगी।
ऐसा एक बार होगा फिर तेलंगाना लग जाएगा और उसके बाद महाराष्ट्र। केरल और आंध्र में यह फर्क है कि पूरे केरल में यात्रा को लेकर पोस्टर बैनर लगे थे मगर कर्नाटक में जो इलाके यात्रा से लगे हुए नहीं हैं उन इलाकों में यात्रा की खबर या पोस्टर नहीं है।














