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सारडा एनर्जी ने कमाया 807 करोड़ का शुद्ध लाभ

सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड ने

जारी किए अपने वार्षिक वित्तीय परिणाम

रायपुर। स्टील और हाइड्रो पावर क्षेत्र के लंबवत (वर्टिकल) एकीकृत उत्पादक सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड (एसईएमएल) ने वित्तीय वर्ष 2021-22 (वित्त वर्ष 2022) में 807 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के उद्योगपति कमल सारडा को दूरदर्शी माना जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। कंपनी ने साल-दर-साल अपने वित्तीय प्रदर्शन को बेहतर करते हुए शुद्ध लाभ में 114 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

कंपनी ने निवेशक प्रस्तुतिकरण में कहा कि 1973 में गठित सारडा समूह की इकाई एसईएमएल ने कुल आय में 69 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3964 करोड़ रुपये आय दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 22 की अंतिम तिमाहियों में साल दर साल 47 फीसदी की वृद्धि के साथ कंपनी की कुल आय 1092 करोड़ रुपये थी। इस अवधि के दौरान सालाना आधार पर 49 प्रतिशत की वृद्धि के साथ शुद्ध लाभ बढ़कर 207 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने कुल 7.5 रुपये प्रति शेयर के लाभांश की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों की मंजूरी के अलावा 1500 रुपये प्रति शेयर पर 122 करोड़ रुपये की कुल राशि के बायबैक के अधीन है।

वित्तीय वर्ष के दौरान कंपनी का उत्पादन के क्षेत्र में प्रदर्शन भी उत्कृष्ट रहा है। जबकि लौह अयस्क पैलेट का उत्पादन और बिक्री 741,000 मिलियन टन (एमटी) और 488,056 मीट्रिक टन सालाना सबसे अधिक थी। एसईएमएल स्टील बिलेट उत्पादन 192,283 मीट्रिक टन था, जो कि किसी भी वर्ष के लिए सबसे अधिक था।

वार्षिक उत्पादन में हर क्षेत्र में बनाया कीर्तमान

सारडा एनर्जी रायपुर

कंपनी ने वायर रॉड के क्षेत्र में सबसे अधिक वार्षिक उत्पादन 160,945 मीट्रिक टन और बिक्री 127,206 मीट्रिक टन दर्ज की। इसमें एचबी वायर का 32,393 मीट्रिक टन उत्पादन और 31,930 मीट्रिक टन की बिक्री, फेरो अलॉय में 159,483 मीट्रिक टन का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन और 153,301 मीट्रिक टन की बिक्री रही।

इसी तरह विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में अब तक का सर्वाधिक ताप विद्युत उत्पादन 1079.04 मिलियन किलोवाट प्रति घंटा (केडब्ल्यूएच) और जल विद्युत का उच्चतम वार्षिक उत्पादन और इसकी बिक्री 416.7 मिलियन किलोवाट प्रति घंटा (केडब्ल्यूएच) रही।

इस वित्तीय वर्ष के दौरान एसईएमएल ने दिसंबर में गारे पाल्मा कोयला खदान और फरवरी 2022 में 1 एमएमटी प्रति वर्ष की कोला वाशरी चालू की है। वहीं कोयला गैसीफायर संयंत्र जनवरी 2022 में चालू किया गया था। इसी तरह 113 मेगावाट की सिक्किम हाइड्रो पावर परियोजना जून 2021 में चालू हो गई।