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छत्तीसगढ़ के 67 निर्माण कार्यों को मिली मंजूरी, 6.60 करोड़ रुपये होंगे खर्च, गांवों में बनेंगे स्कूल के कमरे और आंगनबाड़ी भवन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की पहल पर करीब 6 करोड़ 60 लाख 38 हजार रुपये की अनुमानित लागत वाले 67 निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों में स्कूलों में अतिरिक्त कमरे, नए आंगनबाड़ी भवन, राशन वितरण केंद्र, मुक्तिधामों में शेड और प्रतीक्षालय तथा पंचायत भवनों का निर्माण शामिल है। इन योजनाओं का उद्देश्य गांवों में शिक्षा, पोषण, खाद्य सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

18 सरकारी स्कूलों में बनेंगे 36 अतिरिक्त कमरे

ग्रामीण बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर जगह उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 18 शासकीय विद्यालयों में 36 अतिरिक्त कक्ष बनाने की योजना तैयार की गई है। इन निर्माण कार्यों पर करीब 1 करोड़ 26 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रत्येक विद्यालय में दो अतिरिक्त कमरे बनाए जाने प्रस्तावित हैं, जिनकी लागत 7 लाख रुपये प्रति विद्यालय के हिसाब से निर्धारित की गई है।इस योजना में कोनारी, ताराशिव, टोहड़ा, भूमिया, तुलसी मानपुर, सिलपट्टी, कोटा, देवरी, निनवा, बिलाड़ी, बुंदेली, सिरवे, छतौद, ओटगन, खम्हरिया, सतभांवा, सांकरा और चांपा के सरकारी विद्यालय शामिल हैं। अतिरिक्त कमरों के निर्माण से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अधिक जगह मिलेगी और स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन आसान होगा।

17 गांवों में बनेंगे नए आंगनबाड़ी भवन

बच्चों के पोषण और शुरुआती शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 17 नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इन पर लगभग 2 करोड़ 4 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रत्येक भवन की लागत 12 लाख रुपये तय की गई है।मोहगांव, चांपा, टोहड़ा, नकटी, सतभांवा, चंगोरी, खुड़मुड़ी, लखना, सड्डू, मोहदा, तरपोंगी, सुंगेरा, सगुनी, सिलपट्टी, केवतरा, देवरी और सरारडीह में ये भवन प्रस्तावित हैं। नए भवन तैयार होने से बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पोषण आहार और प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही महिलाओं तथा छोटे बच्चों से जुड़ी सेवाओं के संचालन में सुविधा होगी।

राशन वितरण व्यवस्था के लिए 17 पीडीएस भवनों का निर्माण

ग्रामीण उपभोक्ताओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत करने के लिए 17 पीडीएस भवन बनाने की योजना है। इन कार्यों पर करीब 2 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। प्रत्येक भवन के निर्माण की लागत 12 लाख 50 हजार रुपये निर्धारित की गई है।प्रस्तावित भवन खपरीकला, टंडवा, सरारीडीह, छपोरा, सरोरा, बोईरझिटी, भिलौनी, बरतोरी, मानपुर, तरपोंगी, जलसो, खम्हरिया, सड्डू, निनवा, अल्दा, कोटा और तुलसी मानपुर में बनाए जाएंगे। इन भवनों से राशन के भंडारण और वितरण की व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

13 मुक्तिधामों में बनेंगे शेड और प्रतीक्षालय

गांवों में अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 13 मुक्तिधामों में शेड और प्रतीक्षालय बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इन कार्यों की कुल अनुमानित लागत 77 लाख 98 हजार रुपये है।यह निर्माण परसदा जोता, जलसो, मानपुर, बलौद खुर्द, सगुनी, सड्डू, परसदा, सरोरा, बिलाड़ी, सिरवे, खपर खुर्द, छपोरा और बोईरझिट में प्रस्तावित हैं। इन सुविधाओं के विकसित होने से गर्मी और बरसात के दौरान अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले ग्रामीणों को राहत मिल सकेगी।

छतौद और ताराशिव को मिलेंगे नए पंचायत भवन

स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने के लिए छतौद और ताराशिव में नए पंचायत भवनों के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है। दोनों भवनों पर कुल 39 लाख 90 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रत्येक भवन की निर्माण लागत 19 लाख 95 हजार रुपये निर्धारित की गई है।नए पंचायत भवनों में ग्राम सभा, पंचायत की बैठकें, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीणों से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।

ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार पर जोर

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के प्रयासों से स्वीकृत इन निर्माण कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी सुविधाओं को मजबूत करना है। शिक्षा, पोषण, राशन वितरण, पंचायत प्रशासन और सार्वजनिक उपयोग के स्थलों से जुड़े ये कार्य पूरे होने के बाद ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। निर्माण गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना भी है।