कांग्रेसी विमान के सामने बैठे धरने पर, 35 मिनट
की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत
रायपुर। राजधानी रायपुर में कांग्रेस के अधिवेशन में शामिल होने आ रहे पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा को 23 फरवरी की दोपहर पुलिस ने नई दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया है।
उन पर एक दिन पहले ही असम पुलिस ने कम्युनल डिस्टर्बेंस और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर केस दर्ज किया था। इस गिरफ्तारी का कांग्रेसियों ने विरोध जताया है और बहुत से कांग्रेसी विमान के सामने ही धरने पर बैठ गए हैं। इसके बाद आनन-फानन में फ्लाइट को ही रद्द कर दिया गया। इधर दोपहर बाद सुप्रीम कोर्ट में 35 मिनट तक चली सुनवाई के बाद पवन खेड़ा को अंतरिम जमानत दे दी गई है।
एयरपोर्ट पर डटे कांग्रेसी, की जमकर नारेबाजी
जानकारी के मुताबिक पवन खेड़ा दिल्ली एयरपोर्ट से रायपुर आ रहे थे। वे विमान में बैठ चुके थी लेकिन इस बीच पुलिस के अफसर उन्हें टेकऑफ से ठीक पहले पूछताछ के नाम पर नीचे उतारा। इस घटना के बाद वहां मौजूद कांग्रेस नेताओं ने जमकर प्रदर्शन कर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इंडिगो की प्लेन में मौजूद एक यात्री रंजीत कुमार ने बताया कि खेड़ा रायपुर जाने के लिए प्लेन में सवार हो चुके थे। इसके बाद स्टाफ ने उन्हें बताया कि उनके खिलाफ डीसीबी का नोटिस है। हजरतगंज थाने में मामला दर्ज होने की बात भी कही गई। इसके बाद उन्हें कहा गया कि आप फ्लाइट से नहीं जा सकते।
पवन खेड़ा के साथ प्लेन में मौजूद अन्य कांग्रेसी नेताओं ने बताया कि पवन खेड़ा प्लेन पर बैठ चुके थे। वह रायपुर जाने ही वाले थे कि तभी टेकऑफ से ठीक पहले डीसीपी लेवल के अधिकारी ने पवन खेड़ा के खिलाफ एक नोटिस जारी कर उन्हें प्लेन से उतरवाया। कहा जाने लगा कि दिल्ली और असम में उनके खिलाफ एफआईआर है और पूछताछ की जाएगी।
इस वजह से पवन खेड़ा पर कार्रवाई
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता का नाम गलत लेने पर यह कार्रवाई की गई है। उनके विवादित बयान के बाद वाराणसी में दर्जनों की संख्या में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है। बीजेपी का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी राहुल गांधी के इशारों पर की जा रही है।
दरअसल, पवन खेड़ा पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी का पूरा नाम बोलते हुए उनके पिता का नाम गलत बोल दिया। एक बार गलत बोलने पर उन्होंने सुधार किया, लेकिन इसके बाद फिर से गलत नाम लेकर तंज किया। इसी बात से गुस्साए बीजेपी के तमाम कार्यकर्ता पुलिस कमिश्नर के आवास पहुंचे और मामले में एफआईआर दर्ज कराई।
बृजमोहन अग्रवाल ने लगाए आरोप
इस विवाद पर छत्तीसगढ़ भाजपा के विधायक और वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि अगर किसी ने कुछ गलत नहीं किया है तो उसे क्यों रोका जाएगा, जो अपराधी होगा उसे सजा मिलेगी पवन खेड़ा ने ऐसा कुछ किया होगा जिसकी वजह से पुलिस ने उन्हें रोका और उन पर कार्रवाई की बात हो रही है। कांग्रेस सिर्फ भाजपा पर आरोप लगाना जानती है।
सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस तत्काल हरकत में आई और वकील अभिषेक मनु सिंघवी गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए।
सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने 3 बजे सुनवाई शुरू की और करीब 35 मिनट की सुनवाई के बाद पवन खेड़ा को अंतरिम जमानत दे दी।
कोर्ट ने असम और यूपी सरकार को भी नोटिस जारी किया और तीन जगह दर्ज केस को एक ही ज्यूरिडिक्शन में लाने को लेकर सवाल किया है। असम सरकार की ओर से एएसजी एश्वर्या भाटी ने मामले की पैरवी की। पवन खेड़ा को जमानत मिलने के बाद कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने ट्विट कर इसकी जानकारी दी है।









