Sushasan Tihar 2026: रायपुर. सुशासन तिहार 2026 के तहत सीएम विष्णुदेव साय के प्रदेशव्यापी दौरे की शुरुआत हो चुकी है. अभियान के पहले दिन सीएम साय का हेलीकॉप्टर जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में उतरा. प्रदेश के मुखिया के आगमन पर ग्रामीणों में खुशी का माहौल बन गया. उन्होंने गमछा पहनाकर स्वागत किया. इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल उपस्थित रहे.
जनसेवा का संदेश, श्रमदान का उदाहरण
गांव से गुजरते समय उनकी नजर हितग्राही अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन घर पर पड़ी, जिसके बाद वे तुरंत वाहन से उतरकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने न केवल कार्य की गुणवत्ता को परखा, बल्कि वहां कार्यरत श्रमिकों से आत्मीय संवाद भी किया. उन्होंने उनके परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि यही मेहनत प्रदेश के विकास की वास्तविक ताकत है.
इस दौरान मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सादगी का एक अनूठा उदाहरण तब सामने आया, जब उन्होंने स्वयं करणी उठाकर सीमेंट-गारा से ईंट जोड़ते हुए श्रमदान किया. मुख्यमंत्री को अपने हाथों से निर्माण कार्य में सहभागी होते देख वहां उपस्थित ग्रामीण भावुक हो उठे. यह दृश्य केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश बन गया.
हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका वर्षों पुराना सपना अब साकार हो रहा है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उन्हें पक्का घर मिल रहा है, जिससे उनके परिवार का जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा.
मुख्यमंत्री ने राजमिस्त्री से की चर्चा
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर चंदागढ़ के राजमिस्त्री मोहन चक्रेश से भी चर्चा की. उन्होंने उनके रोजगार, दैनिक मजदूरी और पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया.
सीएम साय ने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि हर नागरिक तक समयबद्ध समाधान पहुंचाना है. त्वरित कार्रवाई और त्वरित निदान के संकल्प के साथ सरकार जनविश्वास को और मजबूत कर रही है. पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए प्रदेश सरकार निरंतर ऐसे निर्णय और प्रयास कर रही है, जो सीधे नागरिकों के जीवन को सरल, सुगम और सशक्त बनाते हैं. ‘सुशासन तिहार’ इसी सोच का सशक्त प्रतिबिंब है. एक ऐसा जनआंदोलन, जो जनभागीदारी को बढ़ाते हुए विकास को नई गति और दिशा दे रहा है, तथा शासन और जनता के बीच विश्वास को और प्रगाढ़ बना रहा है.
1 मई से 10 जून तक सुशासन तिहार
सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे. ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों में न केवल जन समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शासन की योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी. पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी. शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं.









