Advertisement Carousel

छत्तीसगढ़ के सामाजिक-आर्थिक हालात जानने अगले महीने से टीम जाएगी घर-घर

आर्थिक स्थिति का पता लगाएगी सरकार,आयुष

और आवास की सुविधा पर रहेगा फोकस

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सामाजिक आर्थिक सर्वे (socio economic survey) अगले माह जुलाई से शुरू हो रहा है। यह अगले साल जून-2023 तक चलेगा। इसमें केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की टीम गांवों और शहरों में घर-घर पहुंचेगी। लोगों से उनकी सामाजिक व आर्थिक स्थिति की जानकारी ली जाएगी। इस विषय पर फोकस किया जाएगा कि कितने लोगों के पास अपने मकान हैं या वे आवासहीन हैं। आयुष योजना का फायदा कितने लोग उठा रहे हैं, इसकी भी जानकारी ली जाएगी।

सरकार ने 79वें सर्वे के 17 सूचकांक तय किए हैं। इनके आधार पर ही सर्वे होगा। रिपोर्ट या डेटा कलेक्शन में कमियां सामने आने पर उसे 2030 तक दूर करने का टारगेट तय किया गया है। जो काम पहले से जारी हैं उनको और कितनी गति देनी है या उनमें नई चीजें जोड़नी है, इसका भी रिपोर्ट में जिक्र रहेगा।

यूनाइटेड नेशंस ने जो की-इंडीकेटर्स तय किए हैं उनमें देश या प्रदेश कहां खड़ा है, इसकी जानकारी सर्वे में सामने आएगी। इसमें लोगों की आय, मूलभूत जरूरतें जैसे पानी, बिजली, आवास, भोजन, शौचालय आदि शामिल हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि हम इन की-इंडीकेटर्स को पूरा नहीं करते हैं, तो यह समझा जाएगा कि लोग हेल्दी-लाइफ नहीं जी रहे हैं। इसके पहले 78 वें राउंड का सर्वे कोरोना की वजह से बीच में रोकना पड़ा था। इसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। यह सर्वे डोमेस्टिक टूरिज्म पर केंद्रित था।

17 सतत विकास लक्ष्य

शून्य गरीबी, शून्य भुखमरी, उत्तम स्वास्थ्य व खुशहाली, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ जल और स्वच्छता, असमानताओं में कमी, संवहनीय शहर और समुदाय, संवहनीय उपभोग, जलीय जीवों की सुरक्षा, थलीय जीवों की सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई।

सर्वे करने वाली टीमों को आज से ट्रेनिंग

विभाग के अफसरों को दिल्ली बुलाकर ट्रेंड कर मास्टर ट्रेनर्स बनाया गया है। ये मास्टर्स ट्रेनर्स अब 9 से 11 जून तक एनएसओ स्टेट लेवल ट्रेनिंग तेलीबांधा में एक होटल में देंगे। असिस्टेंट डायरेक्टर जॉर्ज मिंज ने बताया कि डिप्टी डायरेक्टर जनरल रोशन लाल साहू, पीआईबी के एडी सुनील तिवारी, एनएसओ वेस्टर्न जोन नागपुर के डिप्टी डायरेक्टर जनरल आरसी गौतम, राज्य योजना आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमनियम, एनएसओ के असिस्टेंट डायरेक्टर जी. मिंज, सीनियर सांख्यिकी अधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव सर्वे के टिप्स देंगे।

हाइटेक तरीके से टेबलेट पर सर्वे

ट्रेंड टीमें टेबलेट लेकर हाइटेक तरीके फील्ड में उतरेंगी। वे लोगों से जानकारी लेकर ऑनलाइन टेबलेट में फीड करेंगी। सालभर में चार राउंड में सर्वे होगा। हर तीन महीने एक सर्वे पूरा किया जाएगा। ग्रामीण और शहरी सैंपल्स तय कर लिए गए हैं। किस टीम को किस गांव या शहर में जाना है यह रोड-मैप बन रहा है। हर जिले में चार सब-राउंड होंगे। कुछ बड़े शहरों को मिलाकर ब्लाक भी बनाए जा रहे हैं।

इसलिए महत्व

देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था की तस्वीर सामने आएगी।
केंद्र व राज्य की योजनाओं के लिए आंकड़े बनेंगे आधार।
सर्वे से जनता की महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया मिलेगी।
प्रशासनिक कसावट कहां करना यह पता लगेगा।